चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह, दो दिन में ‘इतने’ भक्तों ने कराया पंजीकरण

उत्तराखंड में अतिथि देवो भवः की परम्परा के अनुरूप चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।

अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर 3 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधि विधान के साथ खोले गए। पिछले दो दिनों में चारधाम यात्रा के लिए डेढ़ लाख लोगों ने पंजीकरण कराया है।

मां गंगा की उत्सव डोली 3 मई की सुबह सात बजे भैरोंघाटी स्थित भैरव मंदिर से गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। इसके बाद विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ ठीक सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन को खोल दिए गए। दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर मां यमुना के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले गए।

इससे पहले 2 मई को गंगा के मायके मुखबा से मां गंगा की उत्सव डोली विधि विधान से पूजा-अर्चना के साथ दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम के लिए रवाना हुई। आर्मी बैंड की धुन पर सैकड़ों की संख्या में भक्त उत्सव डोली संग धाम के लिए रवाना हुए।

यात्रियों को दी गई शुभकामनाएं
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने 03 मई को राज्य के चारधामों में से गंगोत्री एवं यमुनोत्री के कपाट खुलने के अवसर पर सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गंगोत्री एवं यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही 6 मई को भगवान केदारनाथ एवं 8 मई को भगवान बद्रीनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएंगे।

अतिथि देवो भवः की परम्परा का पालन
चारधाम यात्रा के लिए देश-दुनिया से आने वाले तीर्थ यात्रियों का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। अतिथि देवो भवः की परम्परा के अनुरूप राज्य में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

पिछले दो दिनों में लगभग डेढ़ लाख पंजीकरण
पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि पिछले दो दिनों के भीतर लगभग डेढ़ लाख लोगों द्वारा पंजीकरण किया गया है। नेटवर्क और सर्वर पर लोड काफी अधिक पड़ रहा है। हालांकि इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि ऑफलाइन होने की दशा में भी पंजीकरण निर्बाध रूप से चलता रहे। साथ ही ऑनलाइन होने पर डाटा स्वतः ही अद्यतित हो जाता है। इस प्रकार पंजीकरण निर्बाध रूप से चल रहा है और लोड के अनुरूप गति पकड़ रहा है।

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