बैसाखी पर मात्र 437 तीर्थयात्रियों को पाक जाने की अनुमति! जानिये क्या है कार्यक्रम

बैसाखी के मौके पर पाकिस्तान स्थित सिखों के तीर्थस्थल ननकाना साहिब जाने के लिए करीब डेढ़ हजार सिखों ने आवेदन किया था, लेकिन पाकिस्तान ने केवल 437 तीर्थयात्रियों को आने की अनुमति दी है।

बैसाखी के मौके पर 437 लोगों को पाकिस्तान जाने की अनुमति दी गई है। ये तीर्थयात्री ननकाना साहिब सहित सभी प्रमुख गुरुद्वारों में दर्शन करेंगे। इन सभी ने कोविड का परीक्षण करा लिया है। ये जानकारी देते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सचिव मोहिंदर सिंह अहली ने बताया कि तीर्थयात्री भारत से 12 अप्रैल को रवाना होंगे और 22 अप्रैल को लौटेंगे।

बैसाखी के मौके पर पाकिस्तान स्थित सिखों के तीर्थस्थल ननकाना साहिब जाने के लिए करीब डेढ़ हजार सिखों ने आवेदन किया था, लेकिन पाकिस्तान ने केवल 437 तीर्थयात्रियों को आने की अनुमति दी है। कहा जा रहा है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए इतने कम तीर्थयात्रियों को पाकिस्तान आने की अनुमति दी गई है।

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पाकिस्तान उच्चायोग ने कही थी ये बात
बता दें कि इससे पहले पाकिस्तान उच्चायोग ने कहा था पाकिस्तान सरकार द्वारा पंजाबियों और सिखों के लिए बैसाखी को ध्यान में रखकर उनके नए साल के शुभारंभ पर वीजा जारी किया गया है। इसके साथ ही पाकिस्तान उच्चायोग ने बैसाखी मनानेवाले लोगों को विशेष रुप बधाई दी और उम्मीत जताई कि आने वाले तीर्थयात्री सफलतापूर्वक यात्रा पूरी करेंगे। इससे पहले बताया गया था कि पाकिस्तान में बढ़ते कोरोना के खतरे को देखते हुए इमरान सरकार ने देश में मौजूद पवित्र स्थलों के दर्शन के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों को देश में आने की अनुमति नहीं देने का फैसला किया है।

 कार्यक्रम इस तरह हैः
मिली जानाकारी के अनुसार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति, बैसाखी कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए एक जत्था भारत से रवाना करेगी। बैसाखी का मुख्य कार्यक्रम हसन अब्दाल में मौजूद पंजा साहिब में 14 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। सिख तीर्थयात्रियों का जत्था न केवल इस गुरुद्वारे में दर्शन करेगा बल्कि देश के अन्य सिख तीर्थस्थलों में भी मत्था टेकेगा। इसमें गुरुद्वारा करतारपुर साबिह भी शामिल है। भारत से यह जत्था 12 अप्रैल को अटारवाी-वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान के लिए रवाना होगा और 22 अप्रैल को वापस लौटेगा।

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