इस कारण तीसरी लहर ज्यादा खतरनाक! नीति आयोग ने दी चेतावनी

कोरोना की तीसरी लहर का संक्रमण दर दूसरी लहर से काफी अधिक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दूसरी लहर का संक्रमण दर जहां  1.69 था, वहीं इस बार 2.67 प्रतिशत है।

भारत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है। इसके साथ ही ओमिक्रोन के मरीज भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। केंद्र ने बताया है कि तीसरी लहर का संक्रमण दर दूसरी लहर से काफी अधिक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दूसरी लहर का संक्रमण दर जहां  1.69 था, वहीं इस बार 2.67 प्रतिशत है। इसलिए तीसरी लहर में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा होने की संभावना है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि शहरों में कोरोना के मामले अधिक बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही ओमिक्रोन मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रकोप से बचने के लिए लोगों को भीड़ से बचना चाहिए।

ओमिक्रोन तेजी से पसार रहा है पैर
नीति आयोग (स्वास्थ्य) के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा, “हम पिछले एक हफ्ते से कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि देख रहे हैं, और हम मानते हैं कि इस वृद्धि के लिए ओमिक्रोन विशेष रुप से जिम्मेदार है। हमारे पास उपलब्ध आकड़ों के अनुसार ओमिक्रोन देश के पश्चिमी भाग और बड़े शहरों में विशेष रूप से बढ़ रहा है।”

तेजी से फैल रहा है संक्रमण
उन्होंने कहा कि 30 दिसंबर को सक्रिय मामले का दर 1.1 प्रतिशत था, जबकि अगले दिन यह 1.3 प्रतिशत था और अब देश में यह दर 5 प्रतिशत है। इसी तरह 30 दिसंबर को कोरोना पीड़ितों की संख्या 13,000 थी और 4 जनवरी को यह 58,000 तक पहुंच गई।

इस वजह से राहत
डॉ. पॉल ने कहा कि अस्पताल में भर्ती होने का दर कम होने से थोड़ी राहत है। फिलहाल दिल्ली में एडमिशन रेट 3.7 प्रतिशत और मुंबई में 5 प्रतिशत है। हमारे पास जो जानकारी है, उसके अनुसार 2020 और 2021 में कोरोना लहर के शुरुआती दौर में यह अनुपात 20 प्रतिशत के करीब था।

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