महाराष्‍ट्र दिवस पर उत्तर भारतीयों ने किया रक्तदान, संघ के अध्यक्ष संतोष सिंह ने सबसे पहले किया ब्लड डोनेट

1 मई को महाराष्ट्र दिवस पर उत्तर भारतीय संघ की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में उत्तर भारतीयों ने इस शिविर में रक्तदान कर मिसाल पेश की।

1 मई महाराष्‍ट्र दिवस के मौके पर उत्तर भारतीय संघ की तरफ से बांद्रा पूर्व स्थित संघ भवन में रक्तदान महा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 200 से अधिक बोतल रक्त एकत्रित किया गया। उत्तर भारतीय संघ अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने सबसे पहले रक्तदान कर एक मिसाल पेश की। दोपहर तीन बजे से आयोजित यह महाशिविर रात 8 बजे तक चला। इस दौरान उत्तर भारतीय संघ कार्यकारिणी के सदस्य और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

इस अवसर पर उत्तर भारतीय संघ के अध्‍यक्ष संतोष आरएन‍ सिंह ने कहा कि मुंबई और महाराष्‍ट्र ने उत्तर भारतीयों को रोजी-रोटी और सम्‍मान दिया है। हमारे पूर्वज यहां आए और उन्‍होंने कड़ी मेहनत कर अपना मुकाम बनाया। उत्तर भारतीयों का भी फर्ज बनता है कि हम लोग मुंबई और महाराष्ट्र की सेवा में थोड़ा योगदान दें। इसी उद्देश्य से इस रक्तदान महाशिविर का आयोजन किया गया। उन्‍होंने कहा कि रक्तदान शिविर में 200 से अधिक बोतल रक्त एकत्रित किया गया।

जेजे अस्पताल की टीम का मिला पूरा सहयोग
सिंह ने कहा कि यहां जेजे अस्पताल की टीम का  बहुत सहयोग मिला। उन्‍होंने दूसरी शिफ्ट में रक्त एकत्रित करने पर सहमति प्रदान की। हालांकि हमारा लक्ष्य बहुत बड़ा था। संतोष आरएन सिंह ने कहा कि शिविर में वरिष्‍ठों का आशीर्वाद मिला, जबकि युवा बड़ी संख्‍या में रक्तदान के लिए एकत्रित हुए। उन्‍होंने सभी का बहुत-बहुत आभार प्रकट किया। सबसे पहले रक्तदान करने के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि लोग रक्तदान के लिए प्रेरित हो सकें, इसलिए उन्‍होंने खुद रक्तदान कर महाशिविर की शुरुआत की।

ये रहे उपस्थित
इस शिविर में उत्तर भारतीय संघ से जुड़े राधेश्‍याम तिवारी, उत्‍तर भारतीय संघ युवा अध्यक्ष संजय सिंह, मुंबई भाजपा उपाध्‍यक्ष अमरजीत सिंह, देवेंद्र तिवारी, कांग्रेस नेता अवनीश सिंह, जयप्रकाश सिंह लोकगायक सुरेश शुक्ला आदि उपस्थित थे।

इससे पहले भी कई बार किया गया है रक्तदान
यह पहला मौका नहीं है, जब उत्तर भारतीय संघ की तरफ से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है। इसके पहले भी कोरोना संक्रमण के वक्त, जब मुंबई के अस्‍पतालों में रक्त की भारी कमी हो गई थी, तब उत्तर भारतीय संघ की तरफ से महारक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान एक हजार बोतल रक्त एकत्रित किया गया था।

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