देश में 99 बंगाल तो उत्तर भारत में 33 केरल! जानिये, गांवों के नामकरण का गुणा-गणित

केरल को छोड़कर देश के सभी राज्यों में कम से कम एक गांव का नाम भगवान श्री राम और भगवान कृष्ण के नाम पर रखा गया है।

हमारे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गांवों के नाम बड़े पैमाने पर देवी- देवताओं के नाम पर रखे गए हैं। इसके अलावा पौराणिक कथाओं, राजाओं और महाराजाओं के नाम पर भी गांवों के नाम रखे गए हैं। इतना ही नहीं कई गांवों के नाम फिल्मों के नाम पर रखे गए हैं। यह जानकारी 2011 की जनगणना से मिली है।

भगवान राम पर 3600 गांवों के नाम,भगवान कृष्ण के नाम पर 3309 गांव
इंडियन एक्सप्रेस ने देश के 6 लाख 77 हजार से ज्यादा गांवों के नामों का सर्वे किया था। उसके अनुसार, केरल को छोड़कर देश के सभी राज्यों में कम से कम एक गांव का नाम भगवान श्री राम और भगवान कृष्ण के नाम पर रखा गया है। इस जानकारी के अनुसार 2011 तक देश भर में 3,626 गांव राम के नाम पर थे तो, भगवान कृष्ण के नाम पर 3,309 गांव थे। इसके अलावा 446 गांव गणपति बप्पा के नाम पर और 35 गांव गुरु नानक साहब के नाम पर थे।

देश में 99 बंगाल तो उत्तर भारत में 33 केरल
देश में बंगाल के नाम पर 92 गांव हैं। खास बात यह है कि इनमें से कोई भी गांव पश्चिम बंगाल में नहीं है। बंगाल नामक गांवों की सबसे अधिक संख्या महाराष्ट्र, पंजाब और आंध्र प्रदेश में है। उत्तर भारत में केरल नामक 33 गांव हैं। इसके अलावा, देश में 17 प्रयागराज, 41 काशी (वाराणसी का पुराना नाम) और 28 आगरा हैं। इनमें से आगरा मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम का एक-एक गांव है। देश में 189 गांवों के नाम बिहार से शुरू होते हैं, जिनमें से 171 गांव बिहार से बाहर हैं। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के नाम पर भारत में 28, जबकि नेपाल के नाम पर 40 गांव हैं।

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धामों के नाम पर नाम
उत्तराखंड के पौराणिक और धार्मिक स्थलों पर कई गांवों के नाम हैं। इनमें कई ऐसे नाम भी हैं, जिनमें धाम का नाम शामिल है। देश के 47 गांवों के नाम बद्री से शुरू होते हैं, जबकि केदार का नाम 75 गांवों के नाम पर रखा गया है। इनमें से ज्यादातर गांव उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और बिहार में हैं।

रामायण के पात्रों पर गांवों के नाम
रामायण में पात्रों के नाम पर गांवों का नामकरण करने की परंपरा बहुत पुरानी है। इसमें भरत लक्ष्मण से आगे हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार देश में 187 गांवों का नाम भरत के नाम पर रखा गया है तो 160 गांवों का नाम लक्ष्मण के नाम पर रखा गया है। सीता के नाम पर 75 गांव और हनुमान के नाम पर 367 गांव हैं।

रावण के नाम पर छह गांव
दिलचस्प बात यह है कि देश में रावण के नाम पर छह गांव हैं। बिहार में तीन गांवों का नाम रावण के पिता अहिरावण के नाम पर रखा गया है तो रावण के भाई विभीषण के नाम पर कोई गांव नहीं है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ गांवों को अयोध्या कहा जाता है।

महाभारत के पात्रों के नाम पर गांवों के नाम
लोग गांवों का नाम महाभारत के भगवान कृष्ण के नाम पर रखना पसंद करते हैं। देश में कुरुक्षेत्र नाम का कोई गांव नहीं है तो धर्मराज युधिष्ठिर के नाम पर दो गांव हैं। भीम के नाम पर 385, अर्जुन के नाम पर 259, धृतराष्ट्र के नाम पर 8 तथा कंस के नाम पर 42 गांव हैं। ओडिशा में केवल एक गांव का नाम भीष्म के नाम पर रखा गया है।

नेताओं के नाम भी प्रचलित
कई गांवों का नाम आधुनिक भारत के नेताओं के नाम पर रखा गया है। देश में 117 गांव महात्मा गांधी के नाम पर हैं तो जवाहरलाल नेहरू के नाम पर 72 गांव हैं। 2011 तक, लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर एक भी गांव नहीं था, जिन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा दिया था। इंदिरा गांधी के नाम पर 36, राजीव गांधी के नाम पर 19 और संविधान के रचनाकार डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर के नाम पर 13 गांव हैं। 27 गांवों का नामकरण सुभाष चंद्र बोस के नाम पर किया गया है।

मुगल शासकों के नाम पर गांवों के नाम
कई गांवों का नाम मुगल शासकों के नाम पर भी रखा गया है। अकबर के नाम पर 234 गांव हैं। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में बाबर के नाम पर 62, हुमायू के नाम पर 30, शाहजहां के नाम पर 51 और औरंगजेब के नाम पर 8 गांव हैं।

फिल्मों के नामों पर गांवों के नाम
देश में 163 गांवों का नाम रामगढ़ रखा गया है। यह नाम फिल्म शोले में रखा गया था। आमिर खान की पीपली लाइव के नाम पर देश में 27 गांवों का नाम पीपली रखा गया है।

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