अग्नितांडव! एक और अस्पताल भस्म, गई चार रुग्ण की जान

महाराष्ट्र के अस्पतालों में आग लगने का सिलसलिला थम नहीं रहा है। वर्तमान में कोरोना पीड़ित जैसे-तैसे अस्पताल में बिस्तर की व्यवस्था कर पा रहे हैं ऐसे में आग ने कठिनाई खड़ी कर दी है। इससे इन अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा पर भी प्रश्न खड़े होने लगे हैं।

मुंबई के उनगरीय क्षेत्रों में अस्पतालों का अग्नितांडव थम नहीं रहा है। ठाणे शहर के अंतर्गत आनेवाले मुंब्रा के अस्पताल में प्रभात काल के 3 बजकर 40 मिनट पर आग लग गई। इस आग में मेसर्स प्राइम क्रिटिकेयर हॉस्पिटल में भर्ती चार मरीजों की अन्य अस्पताल में स्थानांतरित करते समय मृत्यु हो गई।

इस दुर्घटना की जानकारी मिलते ही ठाणे अग्निशमन दल के कर्मचारी और संसाधन घटनास्थल पर पहुंच गए थे। इस दल ने बहुत जल्द ही आग पर नियंत्रण पा लिया। अस्पताल में कल 20 रुग्ण भर्ती थे, इसमें 6 रुग्ण अतिदक्षता विभाग में भर्ती थे। यह अस्पताल निवासी इमारत के पहले मजले पर स्थित था। इस इमारत का नाम हसन था।

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यह एक निजी रुग्णालय है। जिसमें 20 रुग्ण भर्ती थे। इसमें से चार लोग अतिदक्षता विभाग में भर्ती किये गये थे। आग लगने के बाद इन सभी को दूसरे अस्पतालों में ले जाया जा रहा था। जिसमें अतिदक्षता विभाग में भर्ती गंभीर रूप से बीमार चार मरीजों की जान चली गई।

इस दुर्घटना केबाद स्थानीय विधायक और राज्य सरकार के मंत्री जीतेंद्र आव्हाड ने दुर्घटनाग्रस्त अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने सूचित किया कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इसकी विस्तृत जांच कमेटी का गठन करके की जाएगी। मुख्यमंत्री निधि से मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा भी उन्होंने की। इसके अलावा घायलों को एक लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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