क्यों डरा हुआ है 63 एनकाउंटर को अंजाम देने वाला ‘स्पेशलिस्ट’?

1990 में मुंबई पुलिस बल में शामिल होनेवाले सचिन वाझे के नाम से कभी दहशत हुआ करती थी। लेकिन इन दिनों वह डरा हुआ दिख रहा है।

उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटक से भी भरी स्कॉर्पियो कार और मनसुख हिरेन मौत मामले में गिरफ्तार मुंबई पुलिस के पूर्व सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाझे को एनआईए कोर्ट ने 23 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत यानी जेल में भेज दिया। उसे 9 अप्रैल को एनआईए की हिरासत समाप्त होने के बाद कोर्ट मे पेश किया गया था। हालांकि एनआईए ने मनसुख हिरेन मौत मामले में पूछताछ के लिए वाझे की हिरासत बढ़ाने की मांग की लेकिन कोर्ट ने उसे जेल में भेजने का आदेश जारी कर दिया। इस दौरान वाझे के वकील ने उसे जेल में सुरक्षित सेल में रखे जाने की मांग की।

1990 में मुंबई पुलिस बल में शामिल होनेवाले सचिन वाझे के नाम से कभी दहशत हुआ करती थी। अपने गॉडफादर   प्रदीप शर्मा के नक्शे कदम पर चलते हुए उसने कुल 63 एनकाउंटर को अंजाम दिए हैं, लेकिन इन दिनों वह डरा हुआ दिख रहा है। जेल में कोई खेल न हो जाए, इसलिए उसके वकील ने कोर्ट में उसे सुरक्षित सेल में रखने की मांग की।

सीबीआई की अर्जी स्वीकृत
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सीबीआई की उस अर्जी को स्वीकार कर लिया, जिसमें उसने एनआईए द्वारा जब्त सबूतों और दस्तावेज की जांच की बात कही थी। कोर्ट में पेशी से पहले भी सीबीआई की टीम ने सचिन वाझे से तीसरी बार पूछताछ की। दूसरी ओर एनआईए की टीम ने इस मामले में पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का भी दो बार बयान दर्ज कर चुकी है। शर्मा से 7 अप्रैल को जहां उसने 8 घंटे पूछताछ की, वहीं 8 अप्रैल को 9 घंटे पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की। एआईए को शक है कि इस पूरे प्रकरण में शर्मा भी शामिल है।

लेटर लीक होने का मामला भी उठा
बता दें कि 7 अप्रैल को सचिन वाझे का एक लिखित बयान लीक हो गया था। इसमें उसने अनिल देशमुख के साथ ही महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब पर भी वसूली में शामल होने का आरोप लगाया था। यह बयान वाझे की ओर से एनआईए में हिरासत के दौरान दिया गया था। बयान लीक होने का मामला एनआईए की ओर से कोर्ट मे उठाया गया। इसके बाद न्यायाधीश ने वाझे के वकील अबाद पोंडा से पूछा कि यह लेटर कैसे लीक हो गया। इस पर संतोषजनक जवाब नहीं दिए जाने पर कोर्ट ने पोंडा से कहा कि ध्यान रखिए, आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए।

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अब सीबीआई ने की हिरासत की मांग
एनआईए की हिरासत से बाहर होने के बाद अब सीबीआई ने वाझे की हिरासत की मांग की है। मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगाए गए 100 करोड़ हफ्ता वसूली के आरोप के मामले में जांच कर रही सीबीआई ने वाझे की हिरासत के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। अर्जी में सीबीआई ने एनआईए के पास रखी गई उस डायरी की मांग की है, जिसमें वाझे ने लेनदेन का हिसाब लिखा था। वह डायरी अपराध शाखा के इंटेलिजेंस यूनिट के एक लॉकर से बरामद हुई थी। इसके आलावा एनआईए ने वाझे की महिला मित्र के पास से भी एक डायरी बरामद की है।

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सीबीआई इन लोगों से कर चुकी है पूछताछ
इस मामले मे सीबीआई अब तक वाझे के अलावा परमबीर सिंह, जयश्री पाटील, पुलिस उपायुक्त राजू भुजबल, सहायक पुलिस आयुक्त संजय पाटील के बयान भी दर्ज कर चुकी है।

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