बंगाल में वीरगति को प्राप्त बिहार के दारोगा की मां नहीं बर्दाश्त कर सकीं सदमा!

बंगाल में वीरगती को प्रात हुए हुए थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की मां की भी सदमे से मृत्यु हो गई है। वह 70 वर्ष की थीं।

पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था को लेकर काफी पहले से ही सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन एक ताजा मामला इस बात का एक और सबूत है कि इस प्रदेश में लोगों के मन में कानून का कोई डर नहीं है। बिहार के किशनगंज टाउन के प्रभारी अश्विनी कुमार की बंगाल में छापेमारी के दौरान भीड़ द्वारा इतनी पिटाई की गई कि वे वीरगति  को प्राप्त हो गए। फिलहाल मामले में सात पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में सर्किल इंस्पेक्टर मनीष कुमार सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक के आदेश पर पुलिस अधीक्षक ने यह कार्रवाई की है।

इस बीच मॉब लिंचिंग के शिकार हुए थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की मां की भी सदमे से मृत्यु हो गई है। वह 70 वर्ष की थीं। 11 अप्रैल की सुबह जैसे ही उन्होंने अपने बेटे के वीरगति को प्राप्त होने की खबर सुनीं, वो यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं और पुर्णिया जिले के अपने गांव में उनका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह पहले से ही दिल की मरीज थीं।

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परिजनों में नाराजगी
इस दिल दहला देनेवाली घटना के बाद किशनगंज थाने में पार्थिव शरीर और गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद अश्विनी कुमार के परिजनों में नाराजगी साफ देखने को मिली। उन्होंने कुमार की हत्या एक साजिश के तहत किए जाने का आरोप लगया।

परिजनों के गंभीर आरोप
अश्विनी कुमार के परिजनों का कहना है कि अगर घटनास्थल पर उनके साथ गए पुलिस अधिकारी या पुलिस बल एक भी गोली चला देते तो भीड़ में शामिल लोग भाग खड़े होते और थाना प्रभारी की जान बच जाती। अश्विनी कुमार के भाई प्रवीण कुमार उर्फ गुड्डू ने कहा कि जिस स्थान पर बंगाल में उनके भाई छापेमारी करने गए थे, वहां किशनगंज अंचल के पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार और पुलिस बल भी मौजूद थे। लेकिन अंचल निरीक्षक और पुलिस बल सभी पूरी तरह सुरक्षित बच गए और मेरे भाई मॉब लिंचिंग के शिकार हो गए।

बिहार में केस स्थानांतरित करने की मांग
परिजनों ने आरोप लगाया कि इस घटना में बंगाल में मामला दर्ज किया गया है, लेकिन वहां के पुलिस विभाग से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने केस को वहां से किशनगंज थाना ट्रांसफर करने की मांग करते हुए कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।

ये है मामला
बता दें कि बंगाल के ग्वालपोखरा थाना क्षेत्र के पंतापाड़ा गांव में बाइक चोरी मामले में छापोमारी करने गई अश्निनी कुमार की पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। इस हमले में बिहार, किशनगंज टाउन थाना के प्रभारी अश्विनी कुमार वीरगति को प्राप्त हो गए। यह घटना 10 अप्रैल को घटी। अश्विनी कुमार बिहार के पुर्णिया जिले के बनमनखी प्रखंड के पांचू मंडल टोला के रहनेवाले थे।

तीन आरोपी गिरफ्तार
मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मुख्य आरोपी फिरोज आलम, उसका भाई अबुजर आलम और फिरोज आलम की मां शाहीनूर खातून शामिल हैं।

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