…. तो महाराष्ट्र में फिर से लॉकडाउन!

पूरे देश के साथ ही महाराष्ट्र में भी कोरोना संक्रमण में कमी आई है, लेकिन हम सभी को अपने पिछले अनुभव को देखते हुए सावधान रहने की जरुरत है।

15 अगस्त से कोरोना की जारी पाबंदियों में महाराष्ट्र में ढील दी जा रही है। लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने संकेत दिए हैं, कि प्रदेश में किसी भी समय फिर से लॉकडाउन की घोषणा की जा सकती है।

सीएम ठाकरे ने कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान हमने देखा कि किस तरह केवल महाराष्ट्र में ही नहीं, पूरे देश में ऑक्सीजन की किल्लत हो गई। वह देश के सामने एक बड़ी चुनौती थी। इसलिए हमने लॉकडाउन के लिए ऑक्सीजन के मानदंड को निर्धारित किया है। सीएम ने कहा कि अगर राज्य में कोविड मरीजों को रोजाना 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत होगी तो राज्य में फिर से लॉकडाउन लागू किया जाएगा।

लोगों से अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश के साथ ही महाराष्ट्र में भी कोरोना संक्रमण में कमी आई है, लेकिन हम सभी को अपने पिछले अनुभव को देखते हुए सावधान रहने की जरुरत है। इसलिए सभी को कोरोना के नियमों का पालन करना चाहिए।  सीएम ने कहा कि इन नियमों का उल्लंघन करके हम अपने साथ दूसरे के जीवन को खतरे में डालते हैं। ठाकरे ने कहा कि सरकार भले ही प्रतिबंधों में ढील देती हो, लेकिन लोगों को कोरोना वायरस के बदलते स्वरुप और खतरे को समझते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।

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‘ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता सीमित’
सीम ने कहा कि राज्य की ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता सीमित है और प्रतिदिन केवल 1,300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता है। दूसरी लहर में रोगियों की संख्या काफी बढ़ गई। इस कारण ऑक्सीजन की आवश्यकता भी बढ़ गई। परिणामस्वरुप, लगभग 500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन दूसरे राज्यों से आयात करना पड़ा। यदि कोविड रोगियों के लिए प्रतिदिन 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, तो राज्य में प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया जाएगा।

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‘हम सह मिलकर लड़ रहे हैं लड़ाई’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि पिछले दो साल में कोविड ने बहुत कुछ सिखाया है। हम सब मिलकर यह लड़ाई लड़ रहे हैं। हम प्रतिबंधों से खुश नहीं हैं। अब कोरोना के दोनों टीका ले चुके लोगों को भी मुंबई लोकल में यात्रा की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही होटल, रेस्टोरेंट, दुकानों को लेकर भी हमने फैसले लिए हैं। अब कुछ अन्य क्षेत्रों में भी ढील देने की मांग की जा रही है। लेकिन हम कोई भी निर्णय खूब सोच-समझकर लेंगे।

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