कोरोना का बढ़ा खतराः महाराष्ट्र में सावधानी, लेकिन सख्ती नहीं!

बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि BF-7 वैरिएंट यहां पहले ही आ चुका है। इसकी संक्रमण दर 10 गुना है। लेकिन, यह ज्यादा खतरनाक नहीं है  इसलिए डरें नहीं, सावधान रहें।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में महाराष्ट्र में कोविड की स्थिति को लेकर नागपुर के विधान भवन में बैठक हुई। बैठक में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत, गिरीश महाजन, संजय राठौड़ सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि BF-7 वैरिएंट यहां पहले ही आ चुका है। इसकी संक्रमण दर 10 गुना है। लेकिन, यह ज्यादा खतरनाक नहीं है  इसलिए डरें नहीं, सावधान रहें। 60 वर्ष से अधिक आयु के साथ ही गंभीर रूप से बीमार लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतने की जरुरत है। प्रदेश में मास्क अनिवार्य नहीं है। इसके साथ ही टीकाकरण और टेस्ट पर जोर देने का निर्णय लिया गया।

बैठक के खास मुद्दे
– जेनेटिक टेस्टिंग पर जोर

–  टीकाकरण से प्रतिरक्षा को बढ़ाने पर जोर

– जिन लोगों ने अभी तक तीसरी खुराक नहीं ली है, उनसे इसे तुरंत लेने का आग्रह

– वर्तमान में महाराष्ट्र में कुल 132 सक्रिय रोगी, जिनमें से 22 अस्पताल में भर्ती

– प्रदेश में कोरोना के मामलों की जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही

– बैठक में वैश्विक स्थिति, संभावित वृद्धि की स्थिति में राज्य की तैयारियों, टीकाकरण आदि पर भी चर्चा

– हर जिले के नोडल अधिकारी स्थिति पर  रखेंगे नजर

– नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी को उचित सावधानी बरतने की जरूरत

– चीन, जर्मनी, डेनमार्क और ब्राजील के 2 प्रतिशत यात्रियों की रैंडम चेकिंग

– स्टेट टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा और ली जाएगी विशेषज्ञों की राय

– डॉ. ओक की अध्यक्षता वाली पुरानी टास्क फोर्स में दो-तीन सदस्य और बढ़ाए जाएंग

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