दूसरे राज्य के नंबर वाली गाड़ी बिहार में चला रहे हैं तो हो जाएं सावधान!

टैक्स चोरी के लिए और अन्य कारणों से वाहन मालिक वाहनों का झारखंड में पंजीकरण कराते हैं और वे चोरी-छिपे स्थायी तौर पर बिहार में चलाते हैं। यह मोटरवाहन अधिनियम का उल्लंघन है।

दूसरे राज्य से गाड़ी का नंबर लेकर बिहार में चलाना अब महंगा पड़ेगा। ऐसे लोग अब बिहार में गाड़ी नहीं चला पाएंगे। अब यहां गाड़ी चलाने के लिए इस राज्य का स्थाई नंबर होना जरुरी है। इस नियम को तोड़ते हुए पकड़े जाने पर पांच हजार रुपए का दंड भरना पड़ेगा। परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है।

परिवहन मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने बताया कि झारखंड या अन्य राज्यों के वाहनों का स्थाई रुप से बिहार में अवैध संचालन करने वालों पर कार्रवाई करने के लिए यह नियम लागू किया गया है। सभी संबंधित विभागों को इस बारे में सूचना दे दी गई है।

इतनों पर हुई कार्रवाई
फिलहाल अन्य राज्यों के नंबर लेकर बिहार में गाड़ी चलाने पर 221 लोगों पर कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही मोटरवाहन अधिनियम की अन्य धाराओं के तहत भी 500 से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है। इसमें हेलमेट, फिटनेस, इंश्योरेंस आदि से संबंधित मामले शामिल हैं। साथ ही जुर्माने के साथ 54 वाहनों को जब्त किया गया है।

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इसलिए लागू किया गया यह नियम
सरकार का कहना है कि टैक्स चोरी के लिए और अन्य कारणों से वाहन मालिक वाहनों का झारखंड में पंजीकरण कराते हैं और वे चोरी-छिपे स्थायी तौर पर बिहार में चलाते हैं। यह मोटरवाहन अधिनियम का उल्लंघन है। इससे बिहार को राजस्व का नुकसान होता है।बता दें कि इस नियम से वास्तविक वाहन मालिकों को परेशान होने की जरुरत नहीं है। वे अपना पेट्रोल पंप रसीद, ड्राइविंग लाइसेंस, टोल प्लाजा रसीद, आधार कार्ड या कोई अन्य प्रमाण पत्र दिखाएंगे तो उन पर जुर्माना नहीं लगेगा।

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