राम सनेही घाट के श्रीराम विरोधियों पर हो कार्रवाई, हिंदू राष्ट्र शक्ति ने पुन: प्रारंभ करवाई राम कथा

बाराबंकी के रामसनेही घाट में राम द्रोहियों का दांव उलट गया है। हिंदू राष्ट्र शक्ति संगठन के तीव्र विरोध के पश्चात सोमवार से रामकथा पुन: प्रारंभ हो गई है। इसे अचानक स्थानीय पुलिस ने बंद करवा दिया था और पुलिस पर कथा मंडप को तहस नहस करने का आरोप भी लगा है।

रामसनेही घाट क्षेत्र में स्थानीय विधायक और सूबे के मंत्री सतीशचंद्र शर्मा की उपस्थिति में रामकथा शुरू हुई थी। यह दो दिनों तक चली, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय इकट्ठा हो रहा था। अब आरोप है कि तीसरे दिन अचानक स्थानीय पुलिस पहुंची और उसने आरती पूजा बीच में रोककर, पंडाल को भी तहस नहस कर दिया। इस घटना की सूचना हिंदू राष्ट्र शक्ति के कार्यकर्ताओं को होते ही, उन्होंने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई का विरोध प्रारंभ कर दिया। हिंदू संगठनों के कड़े विरोध से पुलिस प्रशासन को झुकना पड़ा और रामकथा पुन: प्रारंभ हुई।

ये भी पढ़ें – असम में अल्पसंख्यकों को जारी किए जाएंगे प्रमाणपत्र, ये है उद्देश्य

हिंदू राष्ट्र शक्ति ने किये प्रश्न
हिंदू राष्ट्र शक्ति के सहसंस्थापक मृत्युंजय सिंह ने कहा कि, हम वीर सावरकर के सच्चे सिपाही हैं। रामकथा और आरती को बीच में रुकवाना थानाध्यक्ष की मंशा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूछा है कि, स्थानीय विधायक और सूबे के मंत्री सतीश चंद्र शर्मा के हाथों इस कथा के प्रारंभ होने के दो दिन बाद ऐसा क्या हो गया कि, पुलिस ने बिना सूचना के कथा को बीच में ही रोक दिया। कथाव्यास और कथावाचक की गद्दी को ध्वस्त करके अपमानित किया गया। कथा पिछले पंद्रह वर्षों से की जाती रही है, ऐसा इस बार क्या हुआ, यदि स्थान को लेकर कोई बात थी तो आयोजक को बुलाकर बात करनी चाहिए थी।

धानाध्यक्ष पर हो कार्रवाई
हिंदू राष्ट्र शक्ति रामसनेही घाट के रामकथा विरोधी थानाध्यक्ष के कृत्य के विरोध में उतर गई है। इस संदर्भ राज्यपाल, मुख्यमंत्री से लेकर वरिष्ठों को पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। संस्था के सह-संस्थापक मृत्युजय सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव सरूप, प्रदेशाध्यक्ष जितेंद्र सिंह अन्नू ने कहा है कि, अगले 48 घंटों में यदि इस घटना के लिए जिम्मेद्दार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू राष्ट्र शक्ति के सनातनी आंदोलन के लिए उतर पड़ेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here