ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में अब 5 दिसम्बर को होगी सुनवाई

यह याचिका पिछले साल वाराणसी की सिविल कोर्ट में वादी राखी सिंह, सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने दाखिल किया था।

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में 11 नवंबर को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट में एडवोकेट कमिश्नर की कमीशन की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए पर सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने 5 दिसम्बर को अगली सुनवाई की तिथि तय की।

न्यायालय में वादी पक्ष ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर में एडवोकेट कमिश्नर की कमीशन की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए। प्रतिवादी मुस्लिम पक्ष की ओर से आपत्ति दाखिल की जा चुकी है। यह याचिका पिछले साल वाराणसी की सिविल कोर्ट में वादी राखी सिंह, सीता साहू, रेखा पाठक, मंजू व्यास और लक्ष्मी देवी की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने दाखिल किया था।

वादी पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कमीशन की कार्यवाही आगे बढ़ाने की बात कोर्ट में कही है। इस याचिका में वादी पक्ष को प्रति आपत्ति दाखिल करनी थी। अब इस मामले में कोर्ट पांच दिसंबर को सुनवाई करेगी। इसके पहले ज्ञानवापी परिसर में कमीशन की कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए वादी मंदिर पक्ष ने कारमाइकल लाइब्रेरी में मिली गणेश व लक्ष्मी की मूर्ति को संरक्षित करने की मांग भी की थी। इस पर आपत्ति दाखिल करने के लिए प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया की ओर से समय मांगने पर 100 रुपये हर्जाना भी न्यायालय ने लगाया था।

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ज्ञानवापी में उर्स की मांग वाली अर्जी पर सुनवाई पॉच दिसम्बर को
वाराणसी सिविल जज फास्ट ट्रैक कोर्ट सीनियर डिवीजन महेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट में 11 नवंबर को ज्ञानवापी परिसर में उर्स कराने की अर्जी पर सुनवाई हुई। मुख्तार अहमद अंसारी और अन्य चार वादियों की तरफ से दाखिल वाद पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि पॉच दिसम्बर तय की। लोहता निवासी मुख्तार अहमद अंसारी, कच्चीबाग निवासी अनीसुर रहमान व तीन अन्य ने वाद दाखिल कर राज्य सरकार, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद, डीएम और पुलिस आयुक्त को पक्षकार बनाया था। न्यायालय से अपील की है कि ज्ञानवापी परिसर स्थित तीन दृश्य मजार और अदृश्य मजार पर चादर चढ़ाने, फातिया पढ़ने और वार्षिक उर्स का आयोजन करने का अधिकार दिया जाय।

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