अफगानिस्तान में मानवाधिकारों के हनन पर यूरोपीय संघ ने जताई चिंता, कही ये बात

अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों, मानवाधिकारों की बिगड़ती स्थिति, नीति और सार्वजनिक जुड़ाव की अनुपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक सिद्धांतों के अनुरूप सुसंगत नीतियों को लागू करने में कठिनाई देखने को मिली है।

अफगानिस्तान में तालिबान शासन के कारण बिगड़ती मानवाधिकार स्थिति के बीच यूरोपीय संघ के विशेष दूत टॉमस निकलसन ने शनिवार को ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के विशेष प्रतिनिधियों और दूतों की बैठक की। इस बैठक में अफगानिस्तान में तालिबान शासन को लेकर चर्चा की गई। यह जानकारी यूरोपीय संघ के विशेष दूत ने ट्वीट कर दी।

अफगानिस्तान में मानव अधिकारों की बिगड़ती स्थिति
उन्होंने कहा यूरोपीय संघ अफगानिस्तान में मानव अधिकारों की बिगड़ती स्थिति, विशेष रूप से महिलाओं, लड़कियों और जातीय समूहों के लिए, राजनीतिक समावेश की कमी और तालिबान की प्रतिबद्धताओं के अनुरूप सुसंगत नीतियों को अपनाने और लागू करने में असमर्थता के बारे में चिंतित है।

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नीतियों को लागू करने में कठिनाई
इस बैठक में सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के अलावा, मानवाधिकार और अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक में महिलाओं पर तालिबान की कठोर नीतियों की निंदा की है। कहा गया कि अफगानिस्तान में महिलाओं और लड़कियों, मानवाधिकारों की बिगड़ती स्थिति, नीति और सार्वजनिक जुड़ाव की अनुपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय सार्वभौमिक सिद्धांतों के अनुरूप सुसंगत नीतियों को लागू करने में कठिनाई देखने को मिली है।

यात्रा पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान
यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब ह्यूमन राइट्स ने तालिबान पर पंजशीर में युद्ध अपराधों को शरण देने का आरोप लगाया है और एक अलग रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वरिष्ठ तालिबान अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया है।

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