आ गया वह ड्रोन जो करेगा प्रधानमंत्री के सपनों को साकार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महात्वाकांक्षी योजना सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन कानपुर में भी संचालित की गई है। योजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कानपुर आईआईटी ने ड्रोन का निर्माण किया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदैव इस बात पर बल देते हैं कि आधुनिक तकनीक के जरिये देश का किसान तरक्की करे। उनके इस सपने को साकार करने के लिए कानपुर आईआईटी ने एक ऐसा ड्रोन बनाया है, जिससे किसान जबरदस्त लाभान्वित होंगे। यह ड्रोन फसलों की निगरानी तो करेगा ही साथ ही आठ घंटे में 30 हेक्टेयर क्षेत्र पर रासायनिक दवाओं का छिड़काव भी करेगा। यह 10 मीटर उंचाई वाले बागवानी पौधों पर भी आसानी से रासायनिक छिड़काव कर सकेगा।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महात्वाकांक्षी योजना सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन कानपुर में भी संचालित की गई है। योजना के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए कानपुर आईआईटी ने ड्रोन का निर्माण किया है।

कृषि विभाग के सहयोग से आईआईटी ने इस ड्रोन का सजीव प्रसारण मंगलवार को चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के प्रक्षेप में मंडलायुक्त डॉ राजशेखर की देखरेख में किया गया। ड्रोन ने नैनो यूरिया खाद का छिड़काव किया और आईआईटी के विशेषज्ञ सुब्रमण्यम सदरला ने कृषकों तथा कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधियों को ड्रोन की तकनीक एवं उसके प्रयोग में ली जाने वाली सावधानियों तथा उपयोगिता के सम्बन्ध में बताया।

उन्होंने कहा कि ड्रोन के सहवर्ती उपकरणों सहित वर्तमान समय में 10 लाख रुपये कीमत निर्धारित की गई है। आईआईटी कानपुर स्टार्ट-अप कम्पनियों की सहायता से ड्रोन का निर्माण कराएगी। ड्रोन के माध्यम से आठ घण्टे में 30 हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि रक्षा रसायनों एवं उर्वरकों का छिड़काव करके कम रसायन से अधिक क्षेत्र आच्छादित कर लागत में कमी लाते हुए आय में वृद्धि की जा सकेगी। इस नई तकनीक के प्रयोग से सब्जियों, फसलों एवं औद्यानिक फसलों में भी 10 मीटर की ऊंचाई तक फसलों में लगने वाले कीट/रोगों के नियंत्रण में सुगमता प्राप्त होगी।

मंडलायुक्त डॉ राज शेखर ने बताया कि कृषि के क्षेत्र में कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से ड्रोन के प्रयोग से प्रधानमंत्री के सपनों को साकार किया जाएगा। उन्होंने मंडल के कृषक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों के मध्य ड्रोन का प्रचार-प्रसार करते हुए अग्रणी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों से ड्रोन की बैट्री की क्षमता बढ़ाने के लिए तथा ड्रोन के सर्विस सेंटर की स्थापना कराने के लिए भी सुझाव दिया।

इस दौरान सीएसए के कुलपति डॉ डीआर सिंह, कृषक तथा सिस्टमैटिक फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी कानपुर के अध्यक्ष महेन्द्र बहादुर सिंह एवं अन्य कृषक उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त संयुक्त कृषि निदेशक कानपुर मण्डल डीके सिंह, उप कृषि निदेशक , कानपुर नगर चौधरी अरुण कुमार, अपर कृषि निदेशक (प्रसार) डॉ एके सिंह उपस्थित

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