इसलिए ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का आदर्श होगा अयोध्या का श्रीराम मंदिर

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण कार्य का भूमिपूजन अगस्त 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों संपन्न हुआ था।

अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 115 देशों और 7 उपमहाद्वीपों के जल उपयोग किया जाएगा। यह एक गैर सरकारी संस्था ने इकट्ठा किया और इसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपा है। अब ये जल अयोध्या ले जाया जाएगा।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, विश्व के 115 देशों और 7 उपमहाद्वीपों का जल श्रीराम मंदिर निर्माण में उपयोग किया जाना वसुधैव कुंटुंबकम का उत्कृष्ट उदाहरण होगा। इसके पीछे की सोच उत्कृष्ट है।

25 अगस्त, 2021 को दिल्ली की एक गैर सरकारी संस्था डेलही स्टडी ग्रुप (डीएसजी) ने 115 देशों और 7 उपमहाद्वीपों से शुद्ध जल प्राप्त किया था। दिल्ली भाजपा के पूर्व विधायक और डीएसजी के अध्यक्ष डॉ.विजय जॉली ने बताया कि इस जल का उपयोग श्रीराम मंदिर के मुख्य स्थान के निर्माण के समय उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, जब लोग कोरोना के कारण देश में एक दूसरे से नहीं मिल पा रहे थे, उस समय हम भगवान राम के आशीर्वाद से विदेश से शुद्ध जल लाने में सफल रहे हैं। यह आस्था और विश्वास की ऐतिहासिक घटना है।

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