निशान छोड़ गया ताउ ते! जानें कहां क्या हुआ?

ताउ ते तूफान गुजरात पहुंच चुका है लेकिन इसके पहले इसने चार राज्यों और दो द्वीप समूहों पर अपना बुरा प्रभाव छोड़ा।

चक्रवादी तूफान ताउ ते का आधी रात को गुजरात के उना समुद्री तट पर लैंड फॉल हुआ। इसके बीच जहां से भी तूफान गुजरा उसने तबाही ही तबाही मचा दी। इस बीच एक अच्छी रहा कि प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों के कारण अधिक जनहानि नहीं हुई। लोगों की रक्षा में स्थानीय एजेंसियों के अलावा केंद्रीय एजेंसियां भी लग रहीं। पॉइंटर में जानते हैं लैंडफॉल और उसके पहले की परिस्थिति…

ताउ ते के कारण बंद हुई सोमनाथ और दीव की सड़क को सेना ने खोल दिया है। इस मार्ग पर कई स्थानों पर पेड़ गिरे थे जिसके कारण मार्ग अवरुद्ध था। इसके कारण यातायात शुरू हो गया है।

मुंबई से 175 किलोमीटर दूर स्थित हीरा ऑइल फील्ड के पास एक भारतीय जहाज पी-305 फंस गया था। भारतीय नौसेना को इस संदर्भ में सहायता का संदेश प्राप्त हुआ, जिसके पश्चात आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता को राहत व बचाव कार्य के लिए लगाया गया। सूचना मिलने तक इस जहाज से 177 लोगों को बचाया जा चुका था, जबकि सूत्रों की सूचना के अनुसार लगभग 130 से अधिक लोगों को निकालने के लिए भारतीय नौसेन और तरटरक्षक दल के दल लगे हुए थे।

इसी प्रकार अन्य भारतीय जहाज जीएएल कंस्ट्रक्टर भी फंसा हुआ था, जिस पर 137 लोग सवार थे। यह मुंबई से ऑठ नॉटिकल माइल दूर है। इसमें से भी लोगों को निकालने का कार्य रात से ही चलता रहा। इसमें से 50 लोगों को भारतीय सेना के चेतक से सुरक्षित रूप से निकाला जा चुका है।

ताउ ते पिछले बीस वर्षों में पहला तूफान है जो 1200 किलोमीटर की दूरी तय करके रौद्र रूप दिखाया है। इस बीच चक्रवात ने पांच राज्य और द्वीपों पर बढ़ी क्षति पहुंचाई है।

केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र और गुजरात राज्य में इसका असर देखने को मिला, जबकि लक्षद्वीप और दीव द्वीपों के तटों से भी यह तूफान टकराया था। इससे इन सभी क्षेत्रों में लगभग 400 मिलीमीटर तक वर्षा हुई।

मुंबई में कई स्थानों पर पेड़ गिरने, होर्डिंग गिरा और इमारतों को भी क्षति पहुंची है। इस बीच चार राज्यों में इस चक्रवात के चलते 17 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। हालांकि, यह आंकड़ा भी बढ़ सकता है। लेकिन मौसम विभाग की पूर्व सूचना के कारण बड़ी जानहानि से बचने में सफलता मिली है।

मुंबई के कांदीवली शंकर लेन क्षेत्र में गिरे पेड़ को हटाते हुए एनडीआरएफ के जवान दिख रहे हैं।

मुंबई में सोमवार को लगभग 56 हवाई उड़ानें रद्द करनी पड़ी। समें 34 उड़ानों को मुंबई में लैंड करना था तथा 22 उड़ानें यहां से अन्य स्थानों के लिए जानी थीं। सबेरे 11 बजे से उड़ानें रोक दी गई थीं, रात लगभग 10 बजे से परिचालन सुचारु रूप से फिर शुरू हो पाया।

मुंबई हवाई अड्डे से लगभग 200 उड़ानों का संचालन होता है। जिसके लिए ताउ ते ने परेशानी खड़ी कर दी थी। इन उड़ानों को 11 घंटों के लिए बंद करना पड़ा था। शहर में 6 लोगों की मौत और 9 लोगों के घायल होेने का समाचार है।

तूफान के कारण शहर के जंबो कोविड सेंटर में भर्ती 600 संक्रमितों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। यह सभ समय रहते करने के कारण जनहानि बच गई है।

गुजरात के गिर सोमनाथ और भावनगर में चक्रवात का बड़ा असर पड़ा। वहां लगभग 200 पेड़ उखड़ गए हैं। कुछ लोगों के नाव में फंसे होने की जानकारी भी मिली थी।

 

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