बूस्टर डोज लेकर ऐसे लोग बनेंगे बाहुबली, कोरोना को देंगे मात!

बूस्टर डोज के लिए किसी को भी कोविन एप पर नए पंजीकरण की जरुरत नहीं है। अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर वे सीधे अपॉइंटमेंट ले सकते हैं।

भारत में 10 जनवरी से स्वास्थ्यकर्मियों, अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ ही 60 वर्ष से अधिक उम्र और गंभीर बीमारीयों से ग्रसित लोगों को कोविड-19 टीका की बूस्टर डोज दी जा रही है। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के कारण देश में पैदा हुए खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 दिसंबर को इस बारे में घोषणा की थी।

बता दें कि देश के पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में चुनाव की तारीखो की घोषणा कर दी गई है। इन राज्यों में 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच कुल सात चरणों में मतदान कराए जाएंगे। इसके लिए ड्यूटी पर बड़े पैमाने पर तैनात होने वाले कर्मचारियों को भी फ्रंटलाइन वर्कर्स माना गया है। इन्हें भी बूस्टर डोज दी जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडविया ने इस बारे में बताया है कि एहतियात के तौर पर देश में एक करोड़ से अधिक अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे कर्मचारियों, वरिष्ठ नागरिकों को एसएमएस भेजकर इसकी याद दिलाई गई है। एक अनुमान के तहत 1 करोड़ 5 हजार स्वास्थ्यकर्मीों, 1 करोड़ 90 लाख फ्रंटलाइन वर्कर्स और 2 करोड़ 75 लाख गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को बूस्टर डोज दी जाएगी।

पंजीकरण की जरुत नहीं
बता दें कि इस डोज के लिए किसी को भी कोविन एप पर नए पंजीकरण की जरुरत नहीं है। अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉग-इन कर वे सीधे अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। इसके साथ ही सीधे केंद्र पर जाकर भी डोज ले सकते हैं।

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