अब मुख्तार ऐसे बनेगा ‘बाहुबिल्ली’!

मुख्तार अंसारी उत्तर प्रदेश के अपराध जगत का कुख्यात नाम है। 1995 में उसने अपराध जगत की दबंगई के बल पर राजनीति में प्रवेश कर लिया और तभी से राजनीतिक सत्ता के साथ ही अपनी माफिया सत्ता का संचालन करता रहा है।

उत्तर प्रदेश के मऊ से बहुजन समाज पार्टी के विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी को अब गाजीपुर जेल में स्थानांतरित किया जाएगा। इस विषय में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में रिट दायर की गई थी। जिस पर न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने निर्देश दे दिया है। इस आदेश के बाद मुख्तार जिससे बचना चाह रहा था वही हुआ और प्रदेश का माफिया और बाहुबली अब उत्तर प्रदेश सरकार के आगे बाहुबिल्ली बना दिखेगा।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार मुख्तार अंसारी को अगले दो सप्ताह के भीतर उत्तर प्रदेश की हिरासत में सौंपना होगा। लेकिन बात उठी कहां से यह जानना भी आवश्यक है। मुख्तार अंसारी 2019 से पंजाब की जेल में है। उसे अवैध धन उगाही के लिए नामजद किया गया था। इसी प्रकरण में उसे पंजाब के रोपड़ जेल में रखा गया है। उसे सौंपने की मांग उत्तर प्रदेश सरकार काफी समय से कर रही थी। लेकिन पंजाब सरकार की ओर से मुख्तार की सेहत और सुरक्षा का हवाला देकर इसे ठुकराया जाता रहा है।

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उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय

  • मुख्तार अंसारी पर 40 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। जिसमें हत्या, धन उगाही, अपहरण आदि शामिल हैं।
  • पूर्वांचल में विकास कार्यों के ठेके आबंटन से शुरू हुआ था माफिया राज
  • 1980 के दशक में मुख्तार अंसारी, मखनू सिंह गिरोह से जुड़ा
  • 1990 में उसने अंसारी गिरोह के जरिये 100 करोड़ रुपए के ठेके के लिए ब्रिजेश सिंह गिरोह से प्रतिद्वंदिता कर ली।
  • अंसारी का गिरोह कोयला, रेलवे, निर्माण, भंगार खरीदी, लोकनिर्माण विभाग के ठेके, शराब के ठेके से संबद्ध है
    प्रोटेक्शन मनी वसूली में इस गिरोह का नाम आता रहा है
  • 2005 में हुई भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या मुख्य आरोपी
  • 2010 में रामसिंह मौर्य की हत्या के आरोप में हिरासत में लिया गया
  • रामसिंह मौर्य मुख्य गवाह था अंसारी के गुंडों द्वारा मारे गए ठेकेदार मन्नत सिंह के मामले में।
  • उत्तर प्रदेश सरकार को 14 प्रकरणों में सुनवाई के लिए चाहिए थी कस्टडी

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राजनीति दबाव से बचता रहा

  • मुख्तार अंसारी खुद को स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से बताता है
  • उसके दादा का नाम डॉ.मुख्तार अहमद अंसारी था, जो कांग्रेस के अध्यक्ष थे और जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापकों में से एक थे।
  • वह अपने को पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के परिवार से संबद्ध बताता है। हामिद अंसारी मुख्तार के चचेरे दादा के परिवार से हैं।

पंजाब क्यों रोक रहा?

  • ऐसा माना जा रहा है कि पंजाब सरकार मुख्तार अंसारी को शरण दिये हुए है।
  • वहां की कांग्रेस सरकार पर मुख्तार की तीमारदारी का आरोप लगता रहा है।
  • मुख्तार अंसारी अपने कांग्रेस से संबंधों का भी फायदा लेता रहा है
  • पूर्वांचल से संबद्ध मुख्तार का गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, मऊ, आजमगढ़ आदि जिलों में खौफ है। इन जिलों में राजनीति के लिए भी जाना पहचाना चेहरा।

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