मृतकों की संख्या 37 हुई! नौसेना का सर्च ऑपरेशन जारी

ताऊ ते चक्रवात के दौरान बॉम्बे हाई के पास बार्ज पी-305 समेत अन्य जहाजों के डूबने से उन पर काम कर रहे कर्मचारी बुरी तरह फंस गए थे। उन्हें बचाने का कार्य नौसेना द्वारा किया जा रहा है। इस दौरान 37 कर्मचारियों के शव प्राप्त हुए हैं।

ताऊ ते चक्रवात के कारण बॉम्बे हाई के पास ओएनजीसी सहित अन्य कंपनियों के जहाजों पर काम कर रहे लगभग 611 कर्मचारियों को बचाने के लिए नौसेना तीन दिनों से दिन-रात बचाव अभियान चला रही है। इस चक्रवात के दौरान ओएनजीसी का बार्ज पी-305 भी डूब गया, जिससे 261 श्रमिकों को बचाना चुनौती बन गया। नौसेना ने उनमें से 188 को सुरक्षित निकाल लिया है। हालांकि, अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। नौसेना अब भी लापता कर्मचारियों की तलाश में जुटी हुई है।

17 मई से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
नौसेना ने जवानों को बचाने के लिए 17 मई से बचाव अभियान शुरू किया है। तब से अब तक 188 कर्मचारियों को हेलीकॉप्टर से समुद्र से बाहर निकाला जा चुका है। चालक दल को नौसेना के युद्धपोतों आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता के साथ ही अहिल्या और ओशन एनर्जी की मदद से बचाया गया था। इसके अलावा, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के जहाज जेएएल ने भी बार्ज पर फंसे 137 कर्मियों को बचाया।

ये भी पढ़ेंः पीएम ने साधा 10 राज्यों के 54 जिलों से सवांद, कही ये बात

261 कर्मचारी समुद्र में कूदे
चक्रवात के कारण 16 मई को बॉम्बे हाई के पास बार्ज पी 305 डूब गया। बार्ज के 261 क्रू मेंबर्स अपनी जान बचाने के लिए लाइफ जैकेट पहनकर समुद्र में कूद गए। इनमें से 188 कर्मचारियों को सकुशल बचा लिया गया। नौसेना और तटरक्षक दल ने 17 मई की देर रात और 18 मई को पूरे दिन में आठ कर्मियों को बचाने में कामयाबी हासिल की।
इस बीच चालक दल के 6 कर्मचारियों के शव बार्ज पी- 305 पर और दो के शव वरप्रदा पर मिले हैं। इसके साथ ही अभी तक कुल 37 कर्मचारियों के शव प्राप्त हुए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here