इसलिए दिया गया भारतीय नौसेना विमानन को राष्ट्रपति ध्वज

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भारतीय नौसेना विमानन को राष्ट्रपति ध्वज से सम्मानित किया। यह कार्यक्रम आईएनएस हंस में संपन्न हुआ। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रपति ने नौसैनिकों को बंधाई भी दी।

सेना को राष्ट्रपति ध्वज यानि प्रेसिडेंट्स कलर युद्ध और शांति की स्थिति में राष्ट्र के लिए की गई उल्लेखनीय सेवा के लिए दिया जाता है। इस ध्वज को प्रदान करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि, भारतीय नौसेना विमानन ने कई मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के माध्यम से योगदान दिया है, मई 2021 में चक्रवात ताउते के दौरान मुंबई में चलाया गया बचाव अभियान एक मिसाल है। हिंद महासागर क्षेत्र में पड़ोसी देशों को भी महत्वपूर्ण सहायता भारतीय नैसेना विमानन द्वारा दी गई है।

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स्वदेशी अभियान में उत्कृष्ट कार्य
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि भारतीय नौसेना ने सक्रिय रूप से स्वदेशीकरण किया है जो इसकी वर्तमान और भविष्य की अधिग्रहण योजनाओं में अच्छी तरह से परिलक्षित होता है। भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण के अनुसरण में, भारतीय नौसेना उड्डयन ने भी मेक इन इंडिया अभियान के अनुरूप लगातार प्रगति की है। विमानन प्रौद्योगिकी में शानदार प्रगति के साथ, आधुनिक, अत्याधुनिक स्वदेशी, हथियार, सेंसर और डेटा लिंक सूट के साथ नौसेना के विमान स्थापित किए जा रहे हैं। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों के साथ-साथ डोर्नियर और चेतक विमानों को हाल ही में शामिल किया गया है जो रक्षा क्षेत्र में ‘आत्म-निर्भरता’ की ओर आगे बढ़ने के हमारे प्रयासों को उजागर करता है।

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