सीमा के पास एयर बेस किया शुरू, क्या है पाकिस्तान की नई चाल के मायने?

पाकिस्तान अपने संसाधनों को धीर-धीरे फिर से संचालन की स्थिति में लाने के प्रयत्न में है। ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि चीन उसे ऐसा करके भारत पर मानसिक दबाव बनाना चाहता है।

पाकिस्तान ने श्रीनगर से मात्र सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित दो एयर बेस को फिर से शुरू किया है। ये दोनों एयर बेस सामरिक दृष्टि से भारत के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं। सीमा नियंत्रण रेखा के पास स्थित दोनों एयर बेस पाक व्याप्त कश्मीर में हैं।

कोटली और रावलकोट के एयरबेस ‘एडवांस लैंडिंग ग्राउंड’ के अंतर्गत आते हैं। पाकिस्तानी वायु सेना ने कई वर्ष पहले इन्हें बंद कर दिया था। लेकिन अब इन्हें फिर से कार्यरत् किया गया है। कोटली एयरबेस पाकिस्तानी सेना के 3 पीओके ब्रिगेड के 23 डिवीजन के अंतर्गत आता है। जबकि रावलकोट एयरबेस 2 पीओके ब्रिगेड के अंतर्गत आता है। इन एयर बेस को शुरू करने के लिए पाकिस्तानी सेना की अतिरिक्त फौज भेजी गई हैं।

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नहीं है कोई चिंता
कृष्णा घाटी में स्थित कोटली और रावलकोट एयर बेस ‘एडवांस लैंडिंग ग्राउंड’ के रूप में उपयोग किये जा सकते हैं। यहां बड़ी हवाई पट्टी न होने के कारण इस पर हेलीकॉप्टर छोटे विमान ही संचालित हो सकते हैं। परंतु, सीमा से लगा होने के कारण इसका उपयोग ड्रोन के संचालन में पाकिस्तान कर सकता है।
ब्रिगेडियर (से.नि) हेमंत महाजन

ये हो सकते हैं कारण

  • भारत द्वारा 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक की गई थी। जिसमें भारतीय वायु सेना के जांबाज खैबर पख्तूनवा प्रांत के बालाकोट में आतंकी अड्डो को तबाह करके वापस चले आए थे। इस घबराहट से पाकिस्तान अभी भी उबर नहीं पाया है।
  • भारत में ड्रोन से हथियार, फर्जी करेंसी और मादक पदार्थ भेजने के लिए
  • आपात स्थिति में अतिरिक्त टुकड़ी, सैन्य उपकरण भेजने के लिए

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