सेना को फायर पॉवर… देश में बनेगी कारगिल के बंकर ध्वस्त करनेवाली मिसाइल

कारगिल में दुश्मन के बंकरों की काल बनीं मिलान-2टी एटीजीएम का निर्माण अब भारत में ही होगा। इसके लिए भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने फ्रांसिसी कंपनी से लाइसेंस प्राप्त करने का अनुबंध किया है। जिससे आगामी तीन वर्षों में स्वदेश में निर्मित मिलान-2टी एटीजीएम सेना को मिल पाएगी।

रक्षा मंत्रालय ने सेना के फायर पॉवर को बल देने के लिए एक नए निर्माण अनुबंध पर हस्ताक्षर किये हैं। जिससे दुश्मन के टैंक के चंद क्षण में परखच्चे उड़ जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के इस अनुबंध से सेना को स्वदेशी निर्मित मिलान 2टी एटीजीएम प्राप्त होंगे। इस मिसाइल ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तान के बंकरों को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सेना के लिए एटीजीएम (एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल) का निर्माण स्वदेशी रक्षा क्षेत्र की पब्लिक सेक्टर की कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड करेगी। इस अनुबंध के अंतर्गत 4,960 मिलान-2टी एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का निर्माण किया जाना है। जिस पर कुल लागत 1,188 करोड़ रुपए की आएगी।

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इस देश की है तकनीकी
मिलान-2टी एटीजीएम का निर्माण भले ही भारत डायनामिक्स लिमिटेड कर रही हो लेकिन, इसकी तकीनी फ्रांसिसी कंपनी एमबीडीए मिसाइल सिस्टम की है।

इसकी विशेषता
मिलान-2टी एटीजीएम की क्षमता 1,850 मीटर की है। यह मिसाइल आक्रामक और रक्षात्मक दोनों कार्यों में एंटी टैंक रोल सिस्टम के रूप में तैनात किया जा सकता है, इस जमीन और वाहन से भी लांच किया जा सकता है। भारतीय सेना को 70 हजार एंटी टैंग गाइडेड मिसाइल की आवश्यकता है। इसके अलावा 850 लांचर्स की भी आवश्यकता है। जो तीसरी पीढ़ी के एटीजीएम हैं और वायर गाएडेड एटीजीएम है। इस मिसाइल का उपयोग 1999 के कारगिल युद्ध में हो चुका है। जिसमें पाकिस्तानी सेना के बंकरों को नष्ट करने में इस मिसाइल ने चमत्कार ही कर दिया था।

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