हेलीकॉप्टर दुर्घटना के हो सकते हैं ये चार कारण! जानिये रक्षा विशेषज्ञ से

अति सुरक्षित माने जानेवाले हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होना आश्चर्य से कम नहीं है।

तमिलनाडु के कुन्नूर में सेना के हेलीकॉप्टर का दुर्घटनाग्रस्त होना बहुत बड़ी घटना है। इसका प्रमुख कारण है कि इस हेलीकॉप्टर को देश का सबसे सुरक्षित हेलीकॉप्टर माना जाता है। एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर का उपयोग रक्षा मंत्री, रक्षा प्रमुख जैसे अति उच्च पदस्थ जनों के लिए उपयोग में लाया जाता है।

एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर दो इंजनवाला होता है। इसमें यदि एक इंजन बंद पड़ता है तो दूसरा सुचारू रूप से इसके परिचालन को सुनिश्चित करता है। कुन्नूर में हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने के क्या कारण हो सकते हैं, इसको लेकर चार प्रमुख कारण रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) हेमंत महाजन ने बताया है। परंतु, कुन्नूर में घटी एमआई-17 वी5 की दुर्घटना का कारण जांच रिपोर्ट सामने आने के पश्चात ही स्पष्ट हो पाएगी।

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1. तकनीकी खराबी – यह दुर्घटना किसी तकनीकी बिगाड़ के कारण हो सकती है क्या, इसको लेकर रक्षा विशेषज्ञ और ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) हेमंत महाजन ने बताया कि इसका अंदेशा बहुत कम है। इसका कारण है कि एमआई-17 वी5 में दो इंजन होते हैं। एक इंजन में बिगाड़ होता है तो दूसरा इसे सुचारू रूप से गंतव्य तक या जमीन पर उतार सकता है।

2. मौसम खराब होना – मौसम में अचानक आई खराबी के कारण भी दुर्घटना हो सकती है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जब यह हेलीकॉप्टर उड़ान भरा था, उस समय कुन्नूर में कोहरा छाया हुआ था। यह अब पायलट से कंट्रोल रूम की अंतिम बातचीत और तकनीकी जांच से स्पष्ट हो पाएगा।

3. प्राकृतिक कारण – हेलीकॉप्टर से उड़ान के बीच पक्षी टकराने या बड़े वृक्ष से टकराने से भी दुर्घटना हो सकती है। इसे प्राकृतिक कारण माना जाता है। कुन्नूर में हुई दुर्घटना में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा।

4. षड्यंत्र या सेबोटेज – अति सुरक्षित माने जानेवाले एमआई-17 वी5 के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे षड्यंत्र या सबोटेज की भूमिका से इन्कार नहीं किया जा सकता है। जो जांच के पश्चात ही स्पष्ट हो पाएगा।

रक्षा विशेषज्ञ ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) हेमंत महाजन कहते हैं कि, जांच के पश्चात ही दुर्घटनाओं का कारण स्पष्ट हो पाता है। लेकिन, ऐसी अनहोनी घटनाओं को लेकर भारतीय सेना हमेशा तैयार रहती है, और ऐसी परिस्थिति में वरिष्ठतम अधिकारी के बाद के अधिकारी देश की कमान संभालने को सक्षम होते हैं।

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