अब एक और ‘पंडिता’ चढ़े आतंक की भेंट

कश्मीर में एक और हिंदू नेता को सरेआम गोलियों से भून दिया गया है।

कश्मीर के त्राल में आतंकियों ने भारतीय जनता पार्टी के पार्षद पर फायरिंग की है। इस हमले में राकेश पंडिता की मौत हो गई है। जब हमला हुए तब राकेश के निजी सुरक्षा गार्ड साथ नहीं थे।

भाजपा के एक और नेता को आंतकवादियों ने गोलियों से निशाना बनाया। यह घटना त्राल बाला में हुई। इस हमले की जिम्मेदारी पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने ली है। जब यह हमला हुआ उस समय राकेश पंडिता अपने मित्र से मिलने जा रहे थे। उन्हें प्रशासन ने दो सुरक्षा गार्ड दिये थे। लेकिन वे बगैर सुरक्षा गार्ड के ही मिलने निकले थे।

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ऐसे हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन असलहे से लैस आतंकियों ने त्राल पायीन जा रहे राकेश पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले के समय राकेश अकेले थे। इस हमले की जिम्मेदारी पीपल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने ली है।

पुलिस ने दी जानकारी
इस घटना के बाद पुलिस ने आतंकियों की खोजबीन शुरू कर दी है। क्षेत्र को खाली करा लिया गया है।

आईजी विजय कुमार ने बताया कि, कोई भी सुरक्षा प्राप्त व्यक्त बगैर सुरक्षा के कहीं नहीं जा सकता। ऐसे व्यक्तियों के कहीं जाने के पहले उस स्थान की सुरक्षा जांच की समीक्षा की जाती है। हम सभी सुरक्षा प्राप्त लोगों से निवेदन करते हैं कि वे अपने सुरक्षा गार्डों के सात ही घर से बाहर निकलें।

हिंदुओं का नरसंहार
राकेश पंडिता पर हुए हमले पर इक्कजुट्ट जम्मू के अघ्यक्ष अधिवक्ता अंकुर शर्मा ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि कश्मीर में अब भीं हिंदुओं का नरसंहार शुरू है, जिसका कारण है कि हिंदुत्ववादी सरकार इसे मानने को तैयार नहीं है कि यह नरसंहार है। इसके पीछे यह भी कारण है कि इस्लामी और जिहादियों को नाराज नहीं कर सकते।

सामाजिक कार्यकर्ता सुशील पंडित ने भी सरकार पर प्रहार किया है। उन्होंने पूछा है कि क्या इन परिस्थितियों में हिंदुओं की वापसी घाटी में होगी पहले अजय पंडिता और अब राकेश पंडिता को निशाना बनाया गया है। जिनके जबड़े तोड़ने थे उनका आप दिल जीतने के प्रयत्न में है। अर्थात इस्लामी आतंक के सामने सरकार की नीतियों पर यह तीखा प्रहार है।

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