हिंद महासागर में चीन की चालबाजी! भारतीय नौसेना भी डटी, ऐसा है कारण

चीन रिसर्च के नाम पर पड़ोसी देशों के समुद्री सीमाओं में चल रहे रक्षा कार्यों की जासूस करता रहा है। भारत के साथ पूर्व-उत्तर सीमा पर सैनिक गतिविधियों के साथ समुद्र में भी वह लगातार घुसपैठ का प्रयत्न करता रहा है।

सांकेतिक फोटो, सौजन्य ट्वीटर

हिंद महासागर भारत का मुक्त समुद्री क्षेत्र या बैकयार्ड कहलाता है। इस क्षेत्र में चीन ने अपना एक शोध (रिसर्च) पोत तैनात किया है। इसे देखते हुए भारतीय नौसेना एलर्ट है और चीन की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है।

हिंद महासागर क्षेत्र भारत के रक्षा, व्यापार और मुक्त आवाजाही का प्रमुख क्षेत्र है, इसकी बहुउपयोगिता को देखते हुए इसे भारत का बैकयार्ड कहा जाता है। इस क्षेत्र में ही भारत अपने मित्र देश अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जापान के नौसैनिक अभ्यास करता रहा है। यह युद्धाभ्यास भी चीन को पसंद नहीं है, वह इस मुद्दे पर विरोध दर्शाता रहा है, परंतु यह भारत की समुद्री सीमा में होने के कारण उसके विरोध का कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। वर्तमान में चीन ने रिसर्च पोत तैनात किया है, जो भारतीय रक्षा प्रणालियों पर निगरानी के साथ ही चीन के उपग्रह प्रक्षेपण पर नजर रखने के लिए तैनात किया गया हो सकता है।

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भारतीय समुद्री सीमा से दूर
चीन का पोत भारत की समुद्री सीमा से बहुत दूर है। परंतु, चीन की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए भारतीय नौसेना वहां डट गई है। इसके पहले भी चीन ने श्रीलंका में अपना रिसर्च पोत भेजा था। हालांकि, इसका प्रबल विरोध भारत ने किया था, लेकिन चीन के कर्ज से दबा श्रीलंका कुछ कर नहीं पाया। चीन का रिसर्च पोत लगभग सप्ताह भर श्रीलंका के बंदरगाह पर खड़ा रहा।

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