अनंत यात्रा पर निकले ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह, राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

भोपाल में मिलिट्री हॉस्पिटल से ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की जब अंतिम यात्रा निकली तो पुष्प वर्षा के साथ ही वंदे मातरम, भारत माता की जय और वरुण सिंह अमर रहे जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज रहा था।

एमआई 17 वी5 हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ ही 13 अन्य जान गंवाने वालों में शामिल शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का भोपाल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए पूरे शहर के लोग उमड़ पड़े।

मिलिट्री हॉस्पिटल से ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की अंतिम यात्रा शुरू हुई। वहां से जब उनकी अंतिम यात्रा निकली तो पुष्प वर्षा के साथ ही वंदे मातरम, भारत माता की जय और वरुण सिंह अमर रहे जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज रहा था।

उपचार के दौरान हुआ निधन
बेंगलुरु के अस्पताल में उपचार के दौरान निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को मध्य प्रदेश के भोपाल स्थित उनके घर लाया गया था। वहां से उनके पार्थिव शरीर को ससम्मान ले जाकर हॉस्पिटल की मर्चरी में रखा गया थ। 17 दिसंबर को 10 बजे सुबह उनकी यात्रा हॉस्टिल से शुरू हुई। फूलों से सजे सैन्य वाहन में तिरंगे में लिपटे वरुण सिंह के पार्थिव शरीर को रखा गया तो भारत माता की जय, वरुण सिंह अमर रहे जैसे नारों से वातावरण गूंजायमान हो रहा था।

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बेटे रिद्धिमन ने दी मुखाग्नि
वरुण सिंह के परिजनों और मित्र जनों के साथ ही अंतिम विदाई देने के लिए भोपाल के लोग उमड़ पड़े। उनके साथ ही भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा, कांग्रेस विधायक पीसी शर्मा और हस्तियां भी उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। इसके साथ ही सड़कों के किनारे खड़े बच्चों और अन्य लोग उन्हें सैल्यूट कर रहे थे। वरुण सिंह के छोटे भाई की मदद से ग्रुप कैप्टन के बेटे रिद्धिमन ने मुखाग्नि दी।

खास बातें

  • ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया के खोरमा कन्हौली गांव रहने वाले थे।
  • वे ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान के बैचमेट थे।
  • अभिनंदन ने 27 फरवरी 2019 को भारत की सीमा में घुसे पाकिस्तानी विमानों को खदेड़ दिया था।
  • वरुण सिंह का जन्म दिल्ली में हुआ था। वे 42 साल के थे।
  • उनके पिता कृष्ण प्रताप सिंह सेना में कर्नल पद से सेवा निवृत्त हुए थे।
  • वरुण के छोटे भाई तनुज सिंह मुंबई में नेवी में कार्यरत हैं।
  • उनके परिवार में पत्नी गीतांजली, बेटा रिद रमन और बेटी आराध्या हैं।

हादसे में इनका निधन
इस हादसे में मृतकों में सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एल एस लिड्डर, कर्नल हरजिंदर सिंह, लांस नायक विवेक कुमार, नायक गुरुसेवक सिंह, लांस नायक बी साई तेजा, नायक जितेंद्र कुमार, हवलदार सतपाल राई, विंग कमांडर पीएस चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह, राणा प्रताप दास, जेडब्ल्यू प्रदीप शामिल थे।

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