कश्मीर की शांति के लिए हुतात्मा हुए पांच लाल… आतंक का ऑलआउट कब?

कश्मीर में हिंदुओं की जघन्य हत्या के षड्यंत्र को नाकाम करने के लिए सुरक्षा बलों का ऑपरेशन चल रहा है। पूंछ में कॉर्डन ऑफ और खोजबीन अभियान के बीच आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में सेना के पांच जवान हुतात्मा हो गए। आतंक की इन घटनाओं को लेकर अब प्रश्न उठने लगा है कि आखिर कश्मीर से आतंक ऑल आउट कब होगा?

पूंछ के डेहरा की गली (डीकेजी) में सेना ने एक क्षेत्र को खाली कराके वहां खोजबीन अभियान शुरू किया था। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर कि जी रही थी। इस बीच आतंकियों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई। जिसमें सेना के जूनियर कमीशन अधिकारी (जेसीओ) समेत देश के पांच लाल हुतात्मा हो गए। इस विषय में लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने बताया कि आतंकियों के विरुद्ध चमरेर के जंगल में फायरिंग भी चल रही थी।

आतंकी घटनाओं में बढ़ोतरी
पिछले दो सप्ताह के बीच कश्मीर में पाकिस्तान पोषित आतंकवाद की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी हुई है। इसमें हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया है, इसके अलावा कुछ वहां के सामान्य जन भी मारे गए हैं। अब सोमवार को चमरेर के जंगल में हुई मुठभेड़ में पांच सुरक्षाकर्मियों का हुतात्मा होना हाल के दिनों की सबसे बड़ी घटना है। इससे कश्मीर में आतंक का सफाया कब होगा इसको लेकर चिंता व्यक्त होने लगी है।

 

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