अग्नि-5 की आंच में चीन भी दहल जाएगा… परीक्षण सफल

अग्नि-5 इंटर कॉन्टेनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल का विकास भारत की सुरक्षा में मजबूत कड़ी है। यह मिसाइल शत्रुओं के लिए काल है, जबकि देश के लिए आत्मनिर्भरता की कहानी है।

भारत ने अग्नि-5 जमीन से जमीन मार करनेवाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। यह मिसाइल 5000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। इस मिसाइल के माध्यम से चीन के किसी भी विरोधी कार्रवाई का उत्तर उसकी भूमि पर हमला करके दिया जा सकता है।

बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 की मारक क्षमता में अब चीन के कई शहर हैं। यह मिसाइल 5000 किलोमीटर तक पूरी सटीक क्षमता से हमला कर सकती है। अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण का अर्थ है चीन की डोंगफेंग-41 का उत्तर देना, जिसकी क्षमता 12,000-15,000 किलोमीटर है। चीन ने अगस्त 2021 में हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। इसके बाद भारत अग्नि-5 का परीक्षण किया है।

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एमआईआरवी तकनीकी से लैस
अग्नि-5 एमआईआरवी तकनीकी से लैस है, जो इसे वह क्षमता प्रदान करती है कि जिससे मिसाइल एक साथ कई लक्ष्य को नष्ट कर सकती है। इससे कई मिसाइलों का प्रयोग प्रभावित होगा क्योंकि, पारंपरिक सिंगल वॉरहेड मिसाइल एक प्रक्षेपण में मात्र एक लक्ष्य को भेद सकती हैं, जबकि अग्नि-5 इससे कई गुना आगे है।

8 देशों में भारत
अग्नि-5 के सफल परीक्षण के साथ ही भारत उन देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा जिनके पास आईसीबीएम तकनीकी से लैस मिसाइल प्रणाली है। इसमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, इजराइल, ब्रिटेन और उत्तर कोरिया के बाद आठवां नाम भारत का होगा। यह मिसाइल लगभग 17 मीटर लंबी, 2 मीटर चौंड़ी और तीन चरणोंवाली ठोस ईंधन आधारित मिसाइल प्रणाली है, जो 1.5 टन का पे लोड ले जा सकती है।

हैट्रिक प्री इंडक्शन ट्रायल के बाद धीमी गति
वर्ष 2018 में अग्नि-5 का हैट्रिक प्रीइंडक्शन ट्रायल किया गया था। इसके बाद इसका 2020 में उपयोगकर्ता परीक्षण किया जाना था परंतु, कोरोना संक्रमण के कारण यह नहीं हो पाया। अब इसका परीक्षण किया जाना निश्चित हुआ है।

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