मानसून सत्रः पीएम का विपक्ष से तीखा से तीखा सवाल पूछने का आग्रह, लेकिन रख दी ये शर्त

पीएम ने संसद के मानसून सत्र से पहले पत्रकारों से चर्चा में विपक्षी दलों से तीखे सवाल पूछने को कहा, लेकिन साथ में उन्होंने उनसे यह भी आग्रह किया कि वे शांत रहकर सरकार को उत्तर देने का अवसर भी दें।

19 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र शुरू होने से पहले मीडियाकर्मियों से बात की। इस दौरान पीएम ने कोरोना महामारी, वैक्सीन और संसद सत्र के बारे में पत्रकारों के पूछे गए सवालों के जवाब दिए।

पीएम ने कहा कि टीका बाहु में लगाया जाता है, जो टीका ले लेता है, वो बाहुबली बन जाता है। पीएम ने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग में 40 करोड़ से ज्यादा लोग टीका लगवाकर बाहुबली बन गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आप भी टीका लगवाकर बाहुबली बनें।

विपक्ष से तीखे सवाल पूछने का आग्रह
पीएम ने कहा कि सभी माननीय तीखा से तीखा प्रश्न पूछें ताकि जनता को अपने प्रश्नों का उत्तर मिल सके। उन्होंने कहा, सवाल धारदार पूछें लेकिन सरकार को उत्तर देने का अवसर भी दें। पीएम ने कहा कि संसद का मानसून सत्र सार्थक बहस के लिए समर्पित होना चाहिए, क्योंकि जनता कई मुद्दों पर उत्तर चाहती है और उनके प्रश्नों का उत्तर देने के लिए सराकर पूरी तरह तैयार है।

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महामारी पर चर्चा को दी जाए प्राथमिकता
पीएम ने संसद के मानसून सत्र से पहले पत्रकारों से चर्चा में विपक्षी दलों से तीखे सवाल पूछने को कहा, लेकिन साथ में उन्होंने उनसे यह भी आग्रह किया कि वे शांत रहकर सरकार को उत्तर देने का अवसर भी दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना ऐसी महामारी है, जिसकी चपेट में पूरा विश्व और मानव जाति है। हम चाहते हैं कि इस प्रकरण में संसद में सार्थक चर्चा हो और इसे प्राथमिकता दी जाए। सभी सांसद इस बारे में सुझाव दें। इससे कोरोना के खिलाफ जंग में नयापन आएगा और जो कमियां रह गई हैं, उन्हें ठीक किया जा सकता है। पीएम ने कहा कि कोरोना महामारी के मुद्दे पर सभी मुख्यमंत्रियों और अन्य लोगो से चर्चा करते रहे हैं और इस संबंध में सदन के नेताओं में चर्चा होनी चाहिए।

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