अफगानिस्तान का असली अपराधी कौन? जो बाइडेन या अशरफ गनी?

आखिरकार अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चुप्पी तोड़ी और राष्ट्रपति अशरफ गनी की आलोचना की। गनी फिलहाल अफगानिस्तान से भाग गए हैं।

अमेरिका की सैन्य वापसी के बाद अफगानिस्तान में तालिबान राज लौट आया है। तालिबानी लड़ाकों ने मात्र दो महीने में अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन मौन साधे रहे। लेकिन आखिरकार उन्होंने चुप्पी तोड़ी और राष्ट्रपति अशरफ गनी की आलोचना की। गनी फिलहाल अफगानिस्तान से भाग गए हैं। अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि अफगानिस्तान में इस स्थिति के लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार है? अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन या अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी?

मैं 5वां राष्ट्रपति हूं, गलती नहीं करूंगा!
जो बाइडेन ने इस बारे में अमेरिका का रुख स्पष्ट करते हुए कहा,’मैं अफगानिस्तान में तालिबान शासन के अंत के बाद  अमेरिका का पांचवां राष्ट्रपति हूं। अमेरिका ने आतंकवादी हमले के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की थी। इसके साथ ही अफगानिस्तान के लिए खड़े होने का हर संभव प्रयास किया। हमने सेना को अत्याधुनिक हथियार मुहैया कराए, उन्हें प्रशिक्षित किया, भुगतान किया, लेकिन अंत में हुआ यह कि अफगान सेना तालिबान के खिलाफ नहीं लड़ी, राष्ट्रपति अशरफ गनी भाग गए। यह अमेरिका की गलती नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 20 वर्षों में अपने सैकड़ों सैनिकों को खो दिया है, और मैं अब आगे भी ऐसा नहीं होने दूंगा। हालांकि हम आतंकवाद से लड़ना जारी रखेंगे। अफगानिस्तान को लेकर अब संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी है।

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कौन हैं अशरफ गनी?

  • 1949 में अफगानिस्तान में जन्मे अशरफ गनी ने अपनी माध्यमिक शिक्षा काबुल में पूरी की।
  • बाद में 1973 में एक अमेरिकी विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
  • विदेश में पढ़ाई करने वाले अशरफ गनी ने पॉलिटिकल साइंस में दूसरी डिग्री ली।
  • बाद में उन्होंने मानव शास्त्र में भी डिग्री प्राप्त की।
  • उच्च शिक्षित अशरफ गनी ने विश्व बैंक में काम किया और वैश्विक विकास का अध्ययन किया।
  • 2001 में अमेरिका ने अफगानिस्तान में तालिबान शासन को समाप्त कर दिया।
  • उसके बाद अशरफ गनी अफगानिस्तान लौट आए।
  • गनी ने अफगानिस्तान के निर्माण में अपने ज्ञान का योगदान देना शुरू किया।
  • वे तत्कालीन राष्ट्रपति हामिद करजई के सलाहकार बने।
  • दिसंबर 2004 में वे वित्त मंत्री बने।
  • 22 सितंबर 2014 को अशरफ गनी अफगानिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए।
  • 2021 में अशरफ गनी तालिबान से लड़े बिना देश से भाग गए।

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