पश्चिम बंगालः हिंसा पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ का बड़ा निर्णय

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी हिंसा पर राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए बड़े निर्णय लिए हैं।

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी हिंसा पर राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने राज्य की ममता बनर्जी सरकार से व्यवस्था करने की मांग की है।

राज्यपाल धनखड़ ने कहा कि चुनाव के बाद  पश्चिम बंगाल गहरे संकट में है। प्रतिशोधात्मक हिंसा, आगजनी, लूट की वारदातें और डराने-धमकाने तथा जबरन वसूली जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं।

बताया अपना संवैधानिक कर्तव्य
उन्होंने कहा कि अपने संवैधानिक कर्तव्य के हिस्से के रूप में मैंने राज्य में प्रभावित हिस्सों का दौरा करने का फैसला किया है और इसके लिए सरकार से व्यवस्था करने को कहा है। दुर्भाग्य से उनकी प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं है। मैं अपने कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ूंगा और आने वाले दिनों में स्वयं यात्रा के लिए व्यवस्था करूंगा।

ट्वीट कर की कार्रवाई की मांग
महामहिम ने ट्वीट करते हुए कहा, यहां सब ठीक है, ‘कोई हिंसा नहीं है। ऐसा कहा जा रहा है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग है। मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार आत्मा की आवाज सुनेगी और गंभीर जमीनी हकीकत को समझेगी तथा उन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी जिन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था को कलंकित करने का काम किया है।’

ये भी पढ़ेंः ओलंपियन सुशील कुमार पर इसलिए लुक आउट नोटिस!

भाजपा नेताओं ने की थी मुलाकात
बता दें कि 9 मई को भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात कर प्रदेश में जारी हिंसा पर चिंता जताई थी। उन्होेंने सत्ताधारी टीएमसी पर भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था।

अब तक 17 लोगों की मौत
बता दें कि 2 मई को मतगणना में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस पार्टी को मिली जीत के बाद  से पश्चिम बंगाल में हिंसा जारी है। इस हिंसा में अब तक 17 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ में भारी नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि करीब एक लाख लोग डर से अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं। भाजपा ने इस हिंसा के लिए टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here