जानिये, पश्चिम बंगाल में छठे चरण का मतदान क्यों है खास?

छठे चरण में कई महारथियों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें पांच मंत्री भी शामिल हैं। इनमें ग्वालापोखर से मोहम्मद गुलाम रब्बानी, कृष्णानगर दक्षिण से उज्ज्वल विश्वास, हाबड़ा से ज्योतिप्रिय मल्लिक, दमदम उत्तर से चंद्रिम भट्टाचार्य और पूर्वस्थली दक्षिण से स्वपन देवनाथ शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल के छठे चरण के मतदान से 72 घंटे पहले 19 अप्रैल को चुनाव प्रचार का शोर थम गया। राज्य में अब तक पांच चरणों में मतदान हो चुके हैं, जबकि तीन चरण में अभी होने बाकी हैं। छठे चरण का मतदान 22 अप्रैल को कराया जाना है। इसके लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है।

छठे चरण में चार जिलों की 43 सीटों पर मतदान कराए जाएंगे। इसके साथ ही अभी तक कुल 114 सीटों पर मतदान होना बाकी है। इससे पहले के पांच चरणों में कुल 180 सीटों पर मतदान हो चुके हैं और उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में बंद हो चुका है।

इन सीटों पर होंगे मतदान
छठे चरण के मतदान में प्रदेश के परगना जिले की 17, नदिया की 9, पूर्वी बर्दवान की 8 और उत्तर दिनाजपुर की 9 सीटें शामिल हैं। इन सीटों पर 22 अप्रैल को मतदान कराए जाएंगे। इस चरण में चार जिलों में मतदान होने हैं। उनमें तीन जिले उत्तर दिनाजपुर, नदिया और उत्तर परगना बांग्लादेश की सीमा से लगे हुए हैं।

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13 सीट संवेनशील
इन जिलों के 13 सीटों पर मतदान के दौरान गड़बड़ी होने की काफी संभावना है। मुस्लिम बहुल इन सीटों पर मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग ने तगड़ी तैयारी की है। उसने इस चरण में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ी है। इसके लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 932 कंपनियों को तैनात किया जाएगा।

पांच मंत्रियों की किस्मत का होगा फैसला
बता दें कि इस चरण में कई महारथियों की किस्मत का फैसला होना है। इनमें पांच मंत्री भी शामिल हैं। इनमें ग्वालापोखर से मोहम्मद गुलाम रब्बानी, कृष्णानगर दक्षिण से उज्ज्वल विश्वास, हाबड़ा से ज्योतिप्रिय मल्लिक, दमदम उत्तर से चंद्रिम भट्टाचार्य और पूर्वस्थली दक्षिण से स्वपन देवनाथ शामिल हैं। इनके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख उम्मीदवारों में कृष्णनगर उत्तर से अभिनेत्री कौशानी मुखर्जी, नौहाटी से पार्थ भौमिक, बैरकपुर से राज चक्रवर्ती शामिल हैं।

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मैदान में भाजपा के कई दिग्गज
इस चरण में होनेवाले मतदान में भारतीय जनता पार्टी के भी कई महारथी मैदान में हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सीट कृष्णनगर उत्तर को माना जा रहा है। इस सीट पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल राय अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनके साथ ही बीजपुर से शुभ्रांशु राय, भाटपाड़ा से पवन सिहं, जगदल से अरिंदम भट्टाचार्य, नोआपाड़ा से सुनील सिंह, खड़दा से शीलभद्र दत्ता की किस्मत भी इस चरण के मतदान में ईवीएम में बंद हो जाएगी।

छठे चरण की खास बातें
मतदान का दिनः 22 अप्रैल
कुल सीटः 43
कुल उम्मीदवारः 306
कुल मतदान केंद्रः 10897

पांच चरणों में हुई बंपर वोटिंग
इस बीच चुनाव आयोग ने पांच चरणों में हुए मतदान के आंकड़े जारी किए हैं। इन सभी चरणों में बड़े पैमाने पर मतदान हुए हैं। 17 अप्रैल को पांचवें चरण में कराए गए मतदान में 43 विधानसभा सीटों पर औसतन 82.49 प्रतिशत वोटिंग हुई है। इससे पहले के चार चरण में हुए मतदान में भी मतों का प्रतिशत 80 प्रतिशत के आसपास रहा है। 22 अप्रैल को होनेवाले मतदान में भी बड़े पैमाने पर मत डाले जाने की संभावना है।

कोरोना के तांडव के बीच चुनाव
इस बीच पश्चिम बंगाल में कोरोना का तांडव तेज हो गया है। इसका असर सभी पार्टियों के चुनाव प्रचार पर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जहां चुनाव प्रचार न करने की घोषणा की है, वहीं प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कोई बड़ी रैली न करने की घोषणा की है। भाजपा की ओर से भी घोषणा की गई है कि वह 500 से ज्यादा लोगों की रैली या सभा नहीं करेगी। हालांकि अमित शाह ने कहा है कि अगर चुनाव प्रचार के कारण पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है तो महाराष्ट्र में बिना चुनाव के कोराोना इतना क्यों बढ़ रहा है? शाह का इशारा साफ है। इस बार भाजपा और टीएमसी में कांटे की टक्कर है।

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