“हमें सतर्क रहना है, सावधान रहना है लेकिन…!” मुख्यमंत्रियों की बैठक में कोरोना से जीत के लिए मोदी ने दिया मंत्र

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने ओमिक्रोन के खतरे के साथ ही कोरोना के दूसरे वेरिएंट के लिए भी तैयार रहने की अपील की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 जनवरी को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्रियों से बात कर कोरोना की स्थिति की जानकारी ली। इस वर्ष मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की यह पहली वर्चुअल बैठक थी। इससे पूर्व मोदी ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से बात की और उन्हें टीकाकरण अभियान और तेज करने की सलाह दी।

मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री ने ओमिक्रोन के खतरे के साथ ही कोरोना के दूसरे वेरिएंट के लिए भी तैयार रहने की अपील की।

ये रहे उपस्थित
प्रधानमंत्री की इस वर्चुएल बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उपस्थित थे।

बैठक में प्रधानमंत्री ने कही ये बात

-सामान्य लोगों की आजीविका, आर्थिक गतिविधियों को कम से कम नुकसान हो, अर्थव्यवस्था की गति बनी रहे, कोई भी रणनीति बनाते समय इसका ध्यान रखना बहुत आवश्यक है।

-फ्रंटलाइन वर्कर्स, सीनियर सिटीजन्स को सतर्कता डोज जितनी जल्दी लगेगी, उतना ही हमारे हेल्थकेयर सिस्टम का सामर्थ्य बढ़ेगा।

-शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए हर घर दस्तक अभियान को हमें और तेज करना है।

-10 दिन के भीतर ही भारत अपने लगभग 3 करोड़ किशोरों का भी टीकाकरण कर चुका है। ये भारत के सामर्थ्य को दिखाता है, इस चुनौती से निपटने की हमारी तैयारी को दिखाता है।

-भारत में बनी वैक्सीन्स तो दुनिया भर में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर रही हैं।

-ये हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है कि आज भारत, लगभग 92 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या को पहली डोज दे चुका है। देश में दूसरी डोज की कवरेज भी 70 प्रतिशत के आसपास पहुंच चुकी है।

-कोरोना संक्रमण को हम जितना सीमित रख पाएंगे, परेशानी उतनी ही कम होंगी।

ये भी पढ़ेंः असम के मुख्यमंत्री का कांग्रेस हाई कमान और सीएम चन्नी पर सनसनीखेज आरोप! गिरफ्तार करने की मांग

-हमें सतर्क रहना है, सावधान रहना है लेकिन पैनिक की स्थिति ना आए, इसका भी ध्यान रखना है।

-हमें ये देखना होगा कि त्योहारों के इस मौसम में लोगों की और प्रशासन की एलर्टनेस कहीं से भी कम नहीं पड़े।

-ऑमिक्रोन को लेकर पहले जो संशय की स्थिति थी, वो अब धीरे-धीरे साफ हो रही है। पहले जो वेरिएंट थे, उनकी अपेक्षा में कई गुना अधिक तेजी से ऑमिक्रोन वेरिएंट सामान्य जन को संक्रमित कर रहा है।

-100 साल की सबसे बड़ी महामारी से भारत की लड़ाई अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है।

-परिश्रम हमारा एकमात्र पथ है और विजय एकमात्र विकल्प। हम 130 करोड़ भारत के लोग, अपने प्रयासों से कोरोना से जीतकर अवश्य निकलेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here