पंजशीर के शेरों के सामने पस्त तालिबान! 700 लड़ाके ढेर,600 कैद

पंजशीर के नेता अहमद मसूद ने एलान किया है कि मर जाएंगे लेकिन सरेंडर नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि सरेंडर जैसे शब्द मेरी डिक्शनरी में नहीं हैं।

काबुल समेत अफगानिस्तान के सभी क्षेत्रों पर कब्जे का दाव कर रहे तालिबान की एक बार पिर सच्चाई सामने आई है। इस संकटग्रस्त देश के उत्तर-पूर्व स्थित पंजशीर में तालिबानी लड़ाकों और रेसिस्प्रटेंस फोर्स के बीच जंग तेज हो गई है। बीते कई दिनों से जारी लड़ाई में 4 सितंबर को 700 तालिबानी लड़ाकों के मारे जाने की खबर है।

पंजशीर के विरोधी बलों का दावा है कि 4 सितंबर को हुई लड़ाई में 700 से अधिक तालिबानी मारे गए हैं, जबकि 600 लड़ाकों को कैद कर लिया गया है। पंजशीर के नेता अहमद मसूद ने एलान किया है कि मर जाएंगे लेकिन सरेंडर नहीं करेंगे। उन्होंने कहा है कि सरेंडर जैसे शब्द मेरी डिक्शनरी में नहीं हैं।

ऑडियो जारी कर दावा
अफगानिस्तान के लोकल मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार तालिबान सेना को इस लड़ाई में भारी नुकसान हुआ और वे मैदान छोड़कर भागने पर मजबूर हैं। पंजशीर प्रांत में प्रतिरोध बलों के नेता अहमद मसूद ने एक ऑडियो जार कर दावा किया कि 700 से अधिक तालिबानी लड़ाके ढेर कर हो गए हैं, जबकि 600 से अधिक को कैद कर लिया गया है। मसूद ने कहा कि हम बढ़त में हैं, और सब कुछ योजनाबद्ध है। हम पूरे प्रांत को नियंत्रित कर रहे हैं।

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अहमद मसूद ने खाई है कसम
बता दें की अहमद मसूद ने पंजशीर को तालिबान से बचाने की कसम खाई है। उन्होंने 4 सितंबर को कहा कि भगवान, न्याय और स्वतंत्रता के लिए हम अपना प्रतिरोध हमेशा जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पंजशीर में प्रतिरोध और अफगानिस्तान में महिलाओं के विरोध से जाहिर है कि अफगान कभी भी अपने वैध अधिकारों के लिए लड़ना नहीं छोड़ सकता है। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा कि हार तभी होती है, जब आप अपने वैध अधिकारों के लिए लड़ना बंद कर देते हैं और आप थक जाते हैं।

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