उपराष्ट्रपति चुनाव 2022: जगदीप धनखड़ या मार्ग्रेट अल्वा, 788 सांसद किसे पहुंचाएंगे कुर्सी पर?

राजस्थान के प्रभावशाली जाट समुदाय से संबंध रखने वाले समाजवादी पृष्ठभूमि के जगदीप धनकड़ ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। जबकि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रहीं मार्ग्रेट अल्वा राजस्थान सहित गोवा, गुजरात और उत्तराखंड की राज्यपाल के रूप में काम कर चुकी हैं।

उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान हो रहा है। सुबह 10 बजे से मतदान प्रारंभ होगा, सायं 5 बजे के बाद मतगणना होगी और अनुमान है कि, देर रात तक परिणाम आ जाएगा।

उपराष्ट्रपति पद के लिए एनडीए से जगदीप धनखड़ उम्मीदवार हैं, जबकि विपक्षी दलों की उम्मीदवार हैं मार्ग्रेट अल्वा। मतदान के पहले ही विपक्ष में फूट है। तृणमूल कांग्रेस मतदान में हिस्सा नहीं लेगी। यह मतदान अनुपातिक पद्धति से होता है। वर्तमान उपराष्ट्रपति एम.वेकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के चेयरमैन होते हैं। मतदान प्रक्रिया में राज्यसभा और लोकसभा के कुल 788 सांसद हिस्सा लेंगे, जिनमें से 395 मतदाताओं का समर्थन जगदीप धनखड़ के पक्ष में लग रहा है। वैसे, विजयी होने के लिए 394 मतों की आवश्यकता होगी।

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जगदीप धनखड़ परिचय
जगदीप धनखड़ राजस्थान से हैं, वे किसान परिवार से आते हैं, 1989 में राजस्थान के झुंझुनू से चुनाव जीतकर आए थे और चंद्रशेखर सिंह की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे हैं। जगदीप धनखड़ राजस्थान के जाट समुदाय से हैं। वे राजस्थान बार असोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं। जाट समुदाय को आरक्षण दिलाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

जगदीप धनखड़ 1989 से 1991 तक राजस्थान के झुंजुनू से सांसद रहे। वे जनता दल के टिकट पर जीतकर आए थे। इसके बाद वे कांग्रेस में चले गए, उन्होंने अजमेर से चुनाव लड़ा और हार गए। वर्ष 2003 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और अजमेर के किशनगढ़ से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनाए गए।

मार्ग्रेट अल्वा परिचय
कांग्रेस में विभिन्न जिम्मेदारियों को निभा चुकी हैं मार्ग्रेट अल्वा। वे गोवा, गुजरात, राजस्थान और उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। उसके पूर्व में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की संयुक्त सचिव रही हैं। उनकी सास वायलेट अल्वा 1960 के दशक में राज्यसभा की उपसभापति थीं।

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