देवभूमि को ‘तीरथ’ के बाद मिले ‘पुष्कर’… नए मुख्यमंत्री की खोज पूरी

उत्तराखण्ड में संवैधानिक संकट टल गया है परंतु, लगातार हो रही राजनीतिक उठापटक से स्थिर सरकार के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को संकट का सामना करना पड़ सकता है।

उत्तराखण्ड को पिछले चार महीने में तीसरा मुख्यमंत्री मिल गया है। वर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ हिंस रावत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की बैठक हुई और पुष्करसिंह धामी को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया।

कोरोना से जान गई, नौकरियां छिनीं लेकिन अब देश का पहला ऐसा प्रकरण सामने आया है जहां एक मुख्यमंत्री का पद ही इसकी भेंट चढ़ गया है। यह उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ हुआ है। जिन्होंने ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंप दिया है। तीरथ सिंह रावत चार महीने पहले 10 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत का स्थान लिया था। वैधानिक प्रक्रिया में तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री बनने के छह महीने के भीतर विधायक बनना था। परंतु, चार महीने बीतने के बाद भी उपचुनाव नहीं हो पाए हैं। इसलिए संवैधानिक संकट खड़ा होने की परिस्थिति बन गई थी, इसके पहले ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।

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पुष्करसिंह धामी होंगे मुख्यमंत्री
देवभूमि को तीरथ के बाद अब पुष्कर के रूप में नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। पुष्करसिंह धामी ऊधम सिंह नगर के खटीमा से विधायक हैं। वे भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के कार्यकर्ता रह चुके हैं। इसके अलावा अभी तक कभी मंत्री नहीं रहे हैं। वे राज्य में विधायक से सीधे मुख्यमंत्री बनेंगे।

त्यागपत्र ही मार्ग था
इस संदर्भ में उतराखण्ड भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख मदन कौशिक ने बताया कि, ऐसी परिस्थिति बन गई थी कि, त्यागपत्र ही एकमात्र राह थी। चुनाव आयोग को मतदान कराने में कोई दिक्कत नहीं थी, परंतु कोविड-19 के कारण वह संभव नहीं हो पाया। अपना त्यागपत्र सौंपने के बाद मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि यह योग्य निर्णय है। जिससे संवैधानिक संकट टल गया है।

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