किसान यूनियन आंदोलन पर टूटा केंद्रीय मंत्री का सब्र, कह दी ऐसी बात!

केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 29 नवंबर से शुरू होने वाले शीत सत्र में इस पर मुहर लगने की पूरी संभावना है

तीनों कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा कदम उठाए जाने के बावजूद तथाकथित कुछ किसान आंदेलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं। उनके इस निर्णय से नाराज केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि अगर किसान यूनियन के सदस्य घर नहीं जा रहे हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। 25 नवंबर को किसानों पर वादा तोड़ने का आरोप लगाते हुए आठवले ने उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

बता दें कि केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 29 नवंबर से शुरू होने वाले शीत सत्र में इस पर मुहर लगने की पूरी संभावना है। लेकिन अब किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नया कानून बनाने के साथ ही कई अन्य मांगों पर अड़ गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने की मांग
आठवले ने कहा कि पहले किसान नेता कह रहे थे कि जब तक कृषि कानूनों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे, लेकिन अब पीम मोदी की घोषणा के बाद कैबिनेट ने उन्हें रद्द करने का फैसला कर लिया है। अब राकेश टिकैत और दूसरे नेता किसानों को आंदोलन खत्म कर लोगों को घर चले जाने के लिए कहना चाहिए। अगर वे अब भी आंदोलन खत्म नहीं करते तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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एक साल से जारी है आंदोलन
बता दें कि किसान दिल्ली की सीमाओं पर पूरे एक साल से प्रदर्शन कर रहे हैं और वे कांग्रेस, सपा जैसी विपक्षी पार्टियों को चुनावों में लाभ पहुंचाने के लिए कथित रुप से कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।

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