राणे ने दागा सवाल, ‘क्या उद्धव ठाकरे जो बोलते हैं, वो सब संवैधानिक है?’

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शिवसेना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए गए कुछ बयानों का जिक्र किया।

24 अगस्त की रात महाड मजिस्ट्रेट द्वारा जमानत मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने 25 अगस्त को संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से बात की। इस दौरान सभी मीडियाकर्मियों की निगाहें राणे पर ही लगी थीं, कि वे अब किस तरह के तेवर दिखाते हैं।

सम्मेलन में राणे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा दिए गए कुछ बयानों का हवाला देते हुए सवाल दागा कि क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सेना भवन के बारे में बात करते समय उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द असंवैधानिक नहीं थे?

उद्धव ठाकरे से नारायण राणे का सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए राणे ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और शिवसेना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए गए कुछ बयानों का जिक्र किया। राणे ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर कोई सेना भवन की बात करता है तो उसका मुंह तोड़ दो। क्या यह अपराध नहीं है? इस पर कानून लागू नहीं होता?’ राणे ने हमला जारी रखते हुए कहा, ‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बात करें तो वो योगी हैं या पाखंडी? उन्हें थप्पड़ मारा जाना चाहिए? क्या किसी राज्य के मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारना गलत नहीं है? विधानसभा में बोलते हुए ठाकरे ने अमित शाह और उनके बीच की चर्चाओं का वर्णन करने के लिए बेशर्मी जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था। क्या ये सब संवैधानिक है?

देश में कानून का राज
राणे ने कहा कि महाड और मुंबई उच्च न्यायालय ने मेरे पक्ष में फैसला सुनाया है। यह साबित करता है कि देश में कानून का राज है। नारायण राणे ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी, इसलिए मैं इस मामले पर तब तक कुछ नहीं बोलूंगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जन आशीर्वाद यात्रा दो दिन के ब्रेक के बाद 27 तारीख को सिंधुदुर्ग से फिर से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान अच्छे शब्दों में सरकार और शिवसेना की आलोचना जारी रहेगी।

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कोई भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता
राणे ने कहा कि कहा जा रहा है कि मेरा विरोध करने के लिए शिवसैनिक बड़ी संख्या में जमा हो गए। चिपलून में तो सिर्फ 17 लोग आए, मैंने खुद उनको गिना। हालांकि आवाज नहीं निकल रही थी, फिर भी वे आवाज निकालने की कोशिश कर रहे थे। मुंबई में जब नितेश और नीलेश घर में नहीं थे, तब हमारे घर पर मोर्चा निकाला गया। तुम्हारे पास घर नहीं है, तुम्हारे बच्चे नहीं हैं? तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। मैं तुम्हारी किसी भी हरकत से नहीं डरता। मैंने शिवसेना को बड़ा बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। आज जो लोग बात कर रहे हैं, वे तब कहां थे?

संजय राउत को दूंगा जवाब
संजय राउत संपादक पद के लायक नहीं हैं। राउत केवल मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए लेख लिखते हैं। मैं निश्चित रूप से 17 सितंबर के बाद उन्हें जवाब दूंगा।

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