काशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण समारोह में तीन हजार साधु-संत लेंगे भाग! जानिये, कैसी है तैयारी

श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के भव्य निर्माण के बाद अब लोकार्पण होगा। इसके लिए काशीवासियों के साथ व्यापारी समाज ने भी मेहमानों के स्वागत के लिए देवालयों, कुंडों, गंगा घाट आदि को सजाया है।

 श्री काशी विश्वनाथ धाम कार्यदायी संस्था 12 दिसंबर को मंदिर प्रशासन को हैंडओवर कर देगी। धाम के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों लोकार्पण के बाद अंतरराष्ट्रीय पटल पर काशी की तस्वीर नए रूप में दिखेगी। 11 दिसंबर की शाम सर्किट हाउस में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने लोकार्पण समारोह और मुख्यमंत्रियों के कार्यक्रम की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने बताया कि लोकार्पण समारोह में देशभर से 3000 साधु-संत और विद्वतजन भाग लेंगे। समारोह का प्रदेश भर के 27000 देवालयों में और कुल 51 हजार जगहों पर सीधा प्रसारण होगा।

तरुण चुघ ने बताया कि साधु संतों को रहने के लिए लोग अपना घर दे रहे है। संतों के स्वागत के लिए खुले दिल से लोग आगे आ रहे हैं। राष्ट्रीय महामंत्री ने काशी वासियों का आभार जताते हुए कहा कि वृहद स्वच्छता अभियान में भी आमजन भाग ले रहे हैं। नौजवान, बुज़ुर्ग, महिलाएं, बच्चे सभी अभियान में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि स्वच्छता अभियान का समापन काशी की उन्ही गलियों की सफाई और धुलाई से होगा, जिन गलियों में शंकराचार्य पैदल चलकर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि लोकार्पण समारोह में बाबा विश्वनाथ को चढ़ाया गया विशेष प्रसाद व मंदिर निर्माण से जुड़े इतिहास पर प्रकाशित पुस्तक का वितरण घर-घर होगा।

 दुकानों को सजाने का किया आह्वान
महानगर उद्योग व्यापार समिति के संरक्षक नारायण खेमका, अध्यक्ष प्रेम मिश्रा, महामंत्री अशोक जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुज डिडवानिया, उपाध्यक्ष सोमनाथ विश्वकर्मा, कोषाध्यक्ष मनीष गुप्ता लोकार्पण समारोह को भव्य बनाने के लिए आगे आयें। व्यापारी नेताओं ने समिति से जुड़े 60 क्षेत्रीय संगठनों से 13 व 14 दिसंबर को अपने आवास व दुकानों पर झालर-लाइट व फूल माला से सजावट व पांच दिए जलाएं जाने का अनुरोध किया।

नए रुप में दिखेगी बाबा की नगरी
पदाधिकारियों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय पटल पर काशी की तस्वीर नए रूप में दिखने वाली है। श्री काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के भव्य निर्माण के बाद अब लोकार्पण होगा। ऐसे में काशीवासी के साथ व्यापारी समाज भी मेहमानों के स्वागत के लिए देवालयों, कुंडों, गंगा घाट आदि की सफाई इसे रोशनी से सजाये।

लोकार्पण समारोह जीवन का स्वर्ण काल
समिति के सदस्यों ने कहा कि लोकार्पण समारोह हम लोगों के जीवन का एक स्वर्णकाल है। इसके पहले ढाई सौ पूर्व महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने बाबा विश्वनाथ मंदिर का निर्माण कराया था। आज ढाई सौ वर्ष बाद हम लोग के जीवन में फिर से एक ऐतिहासिक दिन 13 दिसंबर आने वाला है। जब वाराणसी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बाबा विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करेंगे तो वह क्षण गौरव का पल होगा।

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