“जो कभी स्वयं को हिंदू कहने में अफसोस करते थे, वे आज…!” संघ सदस्य कोठारी का वक्तव्य

संघ सदस्य गुणवंत सिंह कोठारी ने कहा कि हिंदुओं का स्वत्व जगाने और राष्ट्र का स्वत्व जगाने के उद्देश्य से संघ शुरू हुआ। हिंदू और हिंदुत्व कोई जाति विशेष नहीं है न ही कोई पूजा पद्धति है, यह भारत की प्राचीन संस्कृति है।

सुंदर सिंह भंडारी राजनीति के शिल्पी थे, जिन्होंने अपने श्रम और साधना से लाखों-लाखों कार्यकर्ताओं को संगठन में गढ़ा, उन्हें इस लायक बनाया कि वे मां भारती की सेवा कर सकें। यह उद्गार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य गुणवंत सिंह कोठारी ने शनिवार को उदयपुर में स्वर्गीय सुंदर सिंह भंडारी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 97वीं जयंती पर नगर निगम स्थित मोहनलाल सुखाड़िया रंगमंच पर आयोजित व्याख्यानमाला एवं सम्मान समारोह में बतौर मुख्य वक्ता व्यक्त किए।

उन्होंने सुंदर सिंह भंडारी केे जीवन केे कई प्रसंग, घटनाओं और उनकेे द्वारा किये गये कार्यों को भावपूर्ण रूप से उपस्थित जन समुदाय केे सम्मुख रखते हुए अपने जीवन में उतारने के लिए संकल्पित किया। उन्होंने कहा भंडारी ने उदयपुर में पहली बार शाखा प्रारंभ की। कोठारी ने उनके बाल काल, उनके युवावस्था, देश के विभाजन के समय उनके कार्यों और संघ पर प्रतिबंध केे दौरान कार्यकर्ताओं में समन्वय और जुड़ाव की खूबियों को भी बताया। उन्होंने कहा कि सुसंगठित हिंदू समाज निर्माण के उद्देश्य को लेकर सुंदर सिंह भंडारी ट्रस्ट ने संघ के विचार को आगे बढ़ाने वाले महामना एवं तपस्वी बंधुओं का सम्मान कर निश्चित रूप से कार्यकर्ताओं केेे सम्मुख एक उदाहरण रखा है। इन लोगों के निस्वार्थ जीवन से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

‘आज लोग गर्व से कहने लगे हैं, मैं हिंदू हूं’
कोठारी ने कहा कि हिंदुओं का स्वत्व जगाने और राष्ट्र का स्वत्व जगाने के उद्देश्य से संघ शुरू हुआ। हिंदू और हिंदुत्व कोई जाति विशेष नहीं है न ही कोई पूजा पद्धति है, यह भारत की प्राचीन संस्कृति है। उन्होंने कहा कि जो कभी कहते थे कि वे दुर्घटनावश हिंदू धर्म में पैदा हो गए और इसका अफसोस करते थे, वे आज कहने लगे मैं हिंदू हूं। यह है उनकी स्वीकारोक्ति और यह है हिंदुत्व का अभिमान।

सामाजिक कमियों को दूर करना जरुरी
उन्होंने कहा कि हमें हमारी सामाजिक कमियों और दूरियों को दूर करना है, समरसता का अनुभव कराते हुए जन-जन को संगठन से जोड़ना है और परिवार में नई पीढ़ी को संस्कार से युक्त करना है। निश्चित रूप से आने वाली सदी भारत की होगी और भरत पूरे विश्व का मार्गदर्शन करेगा।

ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चुन्नीलाल गरासिया, भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य ताराचंद जैन, पूर्व कुलपति डॉ उमाशंकर शर्मा, मनोहर कालरा, परमेंद्र दशोरा, सांसद अर्जुन लाल मीणा, ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, पूर्व उप सभापति वीरेंद्र बापना, शहर जिला अध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली, ट्रस्टी कुंती लाल जैन, पूर्व उपसभापति हीरा लाल कटारिया, पूर्व महापौर रजनी डांगी, बीएन संस्थान के तेज सिंह बांसी, प्रमुख उद्योगपति शब्बीर मुस्तफा, भाजपा के वरिष्ठ नेता एडवोकेट शांतिलाल पामेचा, पूर्व उप जिला प्रमुख सुंदरलाल भाणावत, उप महापौर पारस सिंघवी, शहर जिला महामंत्री डॉ किरण जैन, गजपाल सिंह राठौड़, मनोज मेघवाल सहित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता, पार्षद, पूर्व पार्षद, जनप्रतिनिधि, युवा उपस्थित थे।

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