ब्रिक्स देशों की बैठक की ये हैं खास बातें

ब्रिक्स देशों की बैठक में कोरोना संक्रमण और बचाव की तैयारियों पर विशेष रुप से चर्चा हुई। इसके समापन पर सभी देशों के विदेश मंत्रियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की और फिर सामूहिक रुप से हाथ जोड़कर नमस्ते किया।

भारत, चीन और ब्रिक्स समूह के अन्य तीन देशों के विदेश मंत्रियों ने 1 जून को हुई बैठक में हिस्सा लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह बैठक संपन्न हुई। बैठक में कोरोना संक्रमण और बचाव की तैयारियों पर विशेष रुप से चर्चा हुई। इसके समापन पर सभी देशों के विदेश मंत्रियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की और फिर सामूहिक रुप से हाथ जोड़कर नमस्ते किया।

भारत के विदेश मंत्री
बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ पर भारत ने बैठक की अध्यक्षता स्वीकार की है। 2006 में न्यूयॉर्क से शुरू हुआ यह सफर अब यहां तक आ पहुंचा है। हमने इस बीच लंबा सफर तय किया है और अच्छी बात यह है कि समूह के सिद्धांत और उद्देश्य वर्षों से बने हुए हैं।

चीन के विदेश मंत्री
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि मैं कोरोना की दूसरी लहर के गंभीर प्रभाव के लिए भारत के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करता हूं। इस मुश्किल समय में चीन, भारत और अन्य ब्रिक्स देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

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दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री
दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री नालेडी मैंडिसा पैंडोर ने इस बैठक में कहा कि दक्षिण अफ्रीका और भारत ने ट्रीप्स के दूसरे पहलुओं की अस्थाई छूट के लिए विश्व व्यापार संगठन में प्रस्ताव पेश किया है ताकि कोरोना रोधी टीकों के उत्पादन के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों तक व्यापक पहुंच की सुविधाएं हों तथा गरीब देश भी क्षमता के अनुसार इसका उत्पादन कर सकें।

ब्रिक्स समूह में ये देश शामिल
इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की। इसमें रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, चीन के विदेश मंत्री वांग यी और दक्षिण अफ्रीका के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के मंत्री नालेडी मैंडिसा पैंडोर शामिल हुए। ब्रिक्स समूह में भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के साथ ही ब्राजील, रुस भी शामिल है।

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