तेलंगाना और प्रधानमंत्री में है क्या संबंध? केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने बताया

अमित शाह ने केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित तेलंगाना स्थापना दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया।

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि तेलंगाना हमेशा से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिल में रहा है लेकिन दुर्भाग्य से केन्द्र को राज्य ने ज्यादा समर्थन नहीं दिया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना राज्य में पिछले आठ सालों में कई योजनाओं के तहत केन्द्र सरकार ने कुल 2 लाख 52 हजार 202 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अगर राज्य सहयोग करता तो यह संख्या 3.50 लाख करोड़ रुपये होती।

शाह 2 जून को केन्द्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित तेलंगाना स्थापना दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शाह ने तेलंगाना के राज्य के गठन के संघर्ष में बलिदान देने वाले 1200 युवाओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि तेलंगाना के गठन का इतिहास संघर्षों से भरा रहा है। वर्षों तक युवाओं ने तेलंगाना की स्थापना के लिए संघर्ष किया और बलिदान दिया। 2 जून 2014 को, भारत का सबसे युवा राज्य अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने किसी भी राज्य के साथ सौतेला व्यवहार नहीं किया है। राज्य के विकास से ही देश का विकास हो सकता है। इसी भावना को देखते हुए सभी राज्यों को पूरा सहयोग किया। भविष्य में तेलंगाना में शासन बदलने वाला है।

तेलंगाना की तारीफ
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि तेलंगाना की कला-संस्कृति, साहित्य भारत माता की मुकटमणि बन कर उभरी है। भारत की कल्पना नहीं समझने वाले इसे नहीं समझ सकते। राज्यों में विविधता होने के बावजूद भी देश की आत्मा एक है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार में हुए राज्यों के विभाजन में सबकुछ शांतिपूर्ण हुआ लेकिन आंध्रप्रदेश के विभाजन में कड़वाहट रही।

प्रधानमंत्री की प्रशंसा
इस मौके पर संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने तेलंगाना वासियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश जिस तरह से विकास के पथ पर चल रहा है, उसी तरह राज्य में भी भाजपा की सरकार आने पर विकास में तेजी आएगी। तेलंगाना सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सचिवालय तक नहीं आते वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले आठ सालों में एक भी छुट्टी नहीं ली। वे दिन में 18 घंटे काम करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री एक महीने में भी इतने घंटे काम नहीं करते। इस मौके पर संस्कृति राज्य मंंत्री मीनाक्षी लेखी, अर्जुन राम मेघवाल, सचिव गोविंद मोहन सहित कई लोग मौजूद थे।

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