शिवसैनिकों ने अडानी को ऐसे सबक सिखाया

शिवसेना ने छ्त्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नाम के आगे अडानी एयरपोर्ट लिखे जाने पर विरोध जताया।

छत्रपति शिवाजी अतंरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अडानी एयरपोर्ट लिखे जाने के विरुद्ध शिवसैनिकों ने तोड़फोड़ कर दी। पश्चिम द्रुतगति मार्ग पर लगी छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति के आगे सड़क की ओर यह बोर्ड लगा था। जिसे शिवसैनिकों ने तोड़कर फेंक दिया।

मुंबई हवाई अड्डे का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। हवाई अड्डे पर पश्चिम द्रुतगति मार्ग से प्रवेश करते समय छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य मूर्ति स्थापित की गई है और उसे सुशोभित किया गया है। शिवसैनिकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस स्थान पर ‘अडानी एयरपोर्ट’ का बड़े-बड़े अक्षरों वाला बोर्ड लगा दिया गया था। जिसका कड़ा विरोध करते हुए शिवसैनिकों ने सोमवार दोपहर को उसे तोड़कर फेंक दिया।

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इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय कामगार सेना के सचिव संजय कदम ने किया। उन्होंने कहा है कि छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम इस हवाई अड्डे को दिया गया है। उसके अलावा कोई नाम स्वीकार नहीं होगा।

अडानी के हाथ संचालन और विकास का जिम्मा
अडानी समूह की कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने जुलाई से मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन ले लिया है। इसके पहले यह कार्य जीवीके समूह कर रहा था। एएएचएल देश के आठ हवाई अड्डों रा प्रबंधन और विकास कार्य कर रहा है। इसके कारण अडानी का एएएचएल देश की सबसे बड़ी हवाई अड्डा संसाधन कंपनी बन गई है। वह देश के 25 प्रतिशत ट्रैफिक को सेवाएं प्रदान कर रही है। इसके साथ ही कुल कार्गो ट्रैफिक का 33 प्रतिशत अडानी समूह की कंपनी एएएचएल संचालन करती है।

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2019 में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (एएएचएल) ने देश के छह हवाई अड्डों के अधुनिकीकरण और संचालन की निविदा जीती थी। जिसमें अहमदाबाद, लखनऊ, मेंगलुरु, जयपुर, गुवाहाटी और थिरुवनंन्तपुरम का समावेश है। इसमें 2020 में अहमदाबाद, लखनऊ और मेंगलुरु का संचालन अपने हाथ ले लिया। इसके बाद कंपनी ने मुंबई एंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल) के अधिकांश अधिकार भी खरीद लिये हैं। जिससे अडानी के समूह के हाथ नवी मुंबई हवाई अड्डे का संचालन, विकास का कार्य भी आ गया है।

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