राउत ने एमवीए के महामोर्चे को नैनो बताने पर फडणवीस पर कसा तंज, शिंदे गुट के लिए कही ये बात

17 दिसंबर को महाविकास आघाडी ने महापुरुषों के बार-बार अपमान, महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद और अन्य मुद्दों को लेकर महामोर्चा निकाला था।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राऊत ने कहा कि उद्धव ठाकरे नागपुर में 19 दिसंबर से होने वाले विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में शामिल होंगे । उन्होंने कहा कि महाविकास आघाड़ी के महामोर्चे को नैनो कहना उनकी नैनो बुद्धि का लक्षण है। मुंबई सीएसएमटी (बोरीबंदर ) से भायखला जीजामाता उद्यान (रानी बाग) तक महाराष्ट्रप्रेमियों की भीड़ जमा थी। इतने विशाल मोर्चे को देवेंद्र फडणवीस अगर नैनो कह रहे थे, तो इसका मतलब उनका राजनीतिक कार्यकाल बेमतलब साबित हो जाता है।

नैनो मोर्चा कहना गलत
राऊत 18 दिसंबर को मुंबई में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस भाजपा के वरिष्ठ और बुद्धिमान नेता हैं, लेकिन महाविकास आघाड़ी मोर्चा को नैनो मोर्चा कहना गलत है। अगर यह बात शिंदे गुट ने की होती तो बात समझी जा सकती थी। इसका कारण शिंदे गुट के 40 विधायक नैनोबुद्धी के हैं। राऊत ने कहा कि राज्य में शिंदे-फडणवीस सरकार ही नैनो सरकार है। जिस तरह से नैनो गाड़ी का कारखाना बंद हो गया, उसी तरह यह नैनो कारखाने वाली सरकार भी जल्द बंद हो जाएगी।

फडणवीस को दी ये सलाह
सांसद राऊत ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस बहुत साल विपक्ष में थे, उन्हें सब कुछ सोच समझ कर व्यक्तव्य देना चाहिए, वर्ना उनकी फजीहत होगी। संजय राऊत ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर, महात्मा ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई फुले, राजर्षि शाहू महाराज के विरुद्ध अपमानजनक बयानबाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत शिंदे -फडणवीस सरकार में नहीं है। इसलिए सरकार को जागरूक करने के लिए इसके आगे भी इसी तरह का विरोध किया जाता रहेगा।

दरअसल, 17 दिसंबर को महाविकास आघाडी ने महापुरुषों के बार-बार अपमान, महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद और अन्य मुद्दों को लेकर महामोर्चा निकाला था। इस मोर्चे में समाजवादी पार्टी, शेतकरी कामगार पक्ष सहित अन्य दल सहभागी हुए थे।

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