अमेरिका की रूस पर शिकंजा कसने की एक और कोशिश, लिया यह निर्णय

रूस-यूक्रेन युद्ध काफी लंबे समय से जारी है। इस बीच अमेरिका ने रूस पर एक और शिकंजा कसने की कोशिश की है।

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के उद्योग एवं सुरक्षा ब्यूरो ने रूस की विमान और जहाज निर्माण कंपनियों सहित 71 नई संस्थाओं पर प्रतिबंंध लगा दिया है।

ब्यूरो ने इन संस्थाओं के नामों का प्रकाशन किया है। इसमें कहा गया है कि रूस के 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन पर आक्रमण करने के जवाब में अमेरिकी वाणिज्य विभाग 71 रूसी संस्थाओं को जोड़कर निर्यात प्रशासन विनियम (ईएआर) में संशोधन कर रहा है। इन संस्थाओं को अमेरिकी सरकार ने निर्धारित राष्ट्रीय सुरक्षा हितों या अमेरिका की विदेश नीति के विपरीत कार्य करते पाया है।

ब्यूरो ने कहा कि इन संस्थाओं में चकालोव नोवोसिबिर्स्क एविएशन प्लांट, इरकुत्स्क एविएशन प्लांट, सेंट पीटर्सबर्ग शिपबिल्डिंग इंस्टीट्यूशन क्रायलोव 45, सुदूर पूर्वी जहाज निर्माण एवं जहाज मरम्मत केंद्र और ऑल रशियन रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एक्सपेरिमेंटल फिजिक्स प्रमुख हैं।

अमेरिका को शक
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने आशंका व्यक्त की है कि हताश रूस यूक्रेन में रासायनिक हमला कर सकता है। नाटो और यूरोपीय देशों की यात्रा पर रवाना होने से पहले बाइडेन ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के विरुद्ध युद्ध में हताशा के चलते अब रासायनिक हमला कर सकते हैं। बाइडेन ने कहा कि पुतिन के धुर विरोधी एलेक्सी नेवालनि को नौ वर्ष की अतिरिक्त सजा दी गई है, यह इस बात का प्रमाण है कि पुतिन आने वाले समय में और बड़ा कदम उठा सकते हैं। एलेक्सी नेवालिनी पहले ही साढ़े 21 वर्ष की सजा भुगत रहे हैं।

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