तमिलनाडु : इतने नेता क्यों आए हैं भाई?

देश के पांच राज्यों में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। इसमें पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुदुच्चेरी शामिल है। इसको देखते हुए सभी राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

राज्य में मकर संक्रांति में सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां भी दिल्ली से दक्षिणायन हो गई हैं। पोंगल के अवसर पर आरएसएस प्रुमख मोहन भागवत, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और जलिकट्टू के अवसर पर राहुल गांधी पहुंचे। केंद्र के इन नेताओं का दौरा चुनावी गर्मी का एहसास दे सकता है।

उत्तरायण के सूर्य वैसे तो प्रखरता के सूचक होते हैं। लेकिन पोंगल के अवसर पर तमिलनाडु में दो प्रुमख दलों के शीर्ष नेताओं का दक्षिणायन होना गर्मी बढ़ा गया है। राज्य में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके मद्देनजर डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा बीजेपी और कांग्रेस के नेता जोर लगाने में जुट गए हैं।

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ये संगम क्या कहता है?

पोंगल के अवसर पर आएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने श्री कादुंबडी चिन्नाम्मन मंदिर में पोंगल कार्यक्रम में पूजन किया तो दूसरी ओर जलीकट्टू के कार्यक्रम में राहुल गांधी पहुंचे थे। जबकि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी दो कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। जानते हैं नेताओं के दौरों के पीछे के छह प्रमुख बिंदु…

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  • (1) राज्य में इस वर्ष विधानसभा चुनाव हैं
  • (2) वर्तमान में सत्ता में विराजित एआईएडीएमके और विपक्ष में बैठी डीएमके इस चुनाव में अपने नेताओं के बगैर मैदान में उतरेंगी। एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता और डीएमके प्रमुख एम करुणानिधि का निधन हो चुका है।
  • (3) इन दोनों ही दलों में नेतृत्व को लेकर कहीं न कहीं अंतर्कलह भी चल रही है।
  • (4) बदले परिदृष्यों में बीजेपी और कांग्रेस अपने पैर जमाने की कोशिश में हैं।
  • (5) बीजेपी केरल के स्थानीय चुनाव और हैदराबाद नगर निगम चुनावों में मिली जीत से उत्साहित
  • (6) उत्तर की मारी कांग्रेस को दक्षिण से उम्मीद है। केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी तमिलनाडु में अपना जादू चलाने के लिए प्रयत्नशील हैं।

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