“महाशक्ति नहीं पर विश्व गुरू…!” संघ प्रमुख ने भारत के लिए कही ये बात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में पूर्व सैनिकों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे कुछ कार्यकर्ता सरकार का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन सरकार का रिमोट कंट्रोल हमारे पास होने के आरोप में कोई सच्चाई नहीं है।

मोदी सरकार का रिमोट कंट्रोल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पास होने की बातें कही जाती हैं। इसे लेकर कई बार विपक्ष सरकार की आलोचना भी करता है। इस आरोप का संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जवाब दिया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख ने हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में पूर्व सैनिकों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमारे कुछ कार्यकर्ता सरकार का हिस्सा जरूर हैं, लेकिन सरकार का रिमोट कंट्रोल हमारे पास होने के आरोप में कोई सच्चाई नहीं है। संघ प्रमुख ने कहा कि भले ही भारत एक वैश्विक महाशक्ति नहीं है, लेकिन महामारी के बाद की अवधि में यह जरुर साबित हो गया कि भारत में विश्व गुरू बनने की क्षमता है।

यह सच नहीं है..
संघ प्रमुख ने कहा, “मीडिया हमें सरकार का रिमोट कंट्रोल कहता है, लेकिन यह सच नहीं है। हमारे कुछ कार्यकर्ता सरकार का हिस्सा हैं। सरकार हमारे स्वयंसेवकों के लिए कोई विशेष सहयोग नहीं करती है। लोग पूछते हैं कि हमें सरकार से क्या मिलता है। इसका मेरा जवाब है कि हमें कुछ लेना नहीं है, हमारे पास जो कुछ है, उसे देना है। ”

भारत में विश्व गुरू बनने की क्षमता
प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धतियों पर प्रकाश डालते हुए भागवत ने कहा, “हमने सबसे पहले पारंपरिक भारतीय उपचार जैसे अर्क, काढ़ा और स्वच्छता पर ध्यान दिया। लेकिन अब दुनिया भारत की ओर देख रही है और भारतीय मॉडल का अनुकरण करना चाहती है। हमारा देश विश्व महाशक्ति नहीं बनेगा, लेकिन विश्व गुरू जरूर बन सकता है।”

हम अपनी कमजोरी से हारते हैं..
राष्ट्रीय एकता का आह्वान करते हुए, भागवत ने कहा कि भारत अब तक कई लड़ाई हारा है। इसका कारण यह रहा है कि हम एकजुट नहीं रहे हैं। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा, “हम कभी किसी और की ताकत से नहीं हारते, हम अपनी कमजोरी से हारते हैं।” भागवत तिब्बत के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा से मिलने के लिए हिमाचल प्रदेश के पांच दिवसीय दौरे पर हैं।

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