पीएम ने काशी महापौर सम्मेलन को किया संबोधित, विकास के लिए दिए ‘ये’ मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी में आयोजित भारतीय महापौर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान कहा कि हमें क्रांति नहीं, विकास की जरुरत है।

काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर लोकार्पण के बाद 17 दिसंबर को अखिल भारतीय महापौर सम्मेलन का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली संबोधन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के साथ ही केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और देश भर के 139 महापौर मौजूद थे।

इस दौरान काशी के बड़ा लालपुर हस्तकला संकुल में महापौरों के समक्ष काशी, पुणे और महाराष्ट्र के स्वच्छता मॉडल की तस्वीरें प्रदर्शित की गईं, ताकि अन्य शहरों के लोगों को इस बारे में जागरुक किया जा सके।

पीएम ने संबोधन के दौरान कहा कि वे इस सम्मेलन को कई संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं। एक ओर बनारस जैसे देश के प्राचीनतम शहर है तो दूसरी ओर आधुनिक भारत के आधुनिक शहर की रुपरेखा है। हमारे अधिकांश शहर पारंपरिक तरीक से ही विकसित हुए हैं।

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संबोधन की खास बातें

-आधुनिकीकरण के इस दौर में भी हमारे शहरों की प्राचीनता की अहमियत है।

-हमें अपने शहरों में हर साल सात दिन का नदी उत्सव मनाना चाहिए।

-उसमें पूरे शहर को जोड़िए। इस दौरान नदी की साफ-सफाई पर विशेष फोकस करें।

-सभी तय करें कि शहर में हर गली में बल्ब, एलईडी लगा हो।

-इससे बिजली बिल काफी कम हो जाएगा और बढ़िया रोशनी भी मिलेगी।

-शहर के हर घर में एलईडी बल्ब लगाए जाएं, इससे मध्यम वर्ग के घरों में बिजली का बिल कम होगा।

-शहर में वार्ड सौन्दर्यीकरण प्रतियोगिता शुरू की जाए।

-इससे स्वच्छता और सौन्दर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

-हमें विकासवाद मे विश्वास करना चाहिए।

-भारत को क्रांति नहीं, विकास की जरुरत है।

-अपने पास मौजूद हर चीज का संरक्षण करें और तकनीकी के उपयोग को बढ़ावा दें।

-मुझे विश्वास है कि आप सभी लोग सही दिशा मे काम कर रहे होंगे।

-स्थानीय उद्योगों का विकास और व्यवसायों के फलने-फूलने के लिए सही माहौल दिया जाए।

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