Tajinder Bagga Case : दिल्ली-पंजाब पुलिस के हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच उच्च न्यायालय की एंट्री, इस तारीख तक गिरफ्तारी पर रोक

भारतीय जनता पार्टी नेता तेजिंदर बग्गा को राहत मिल गई है। दिल्ली और पंजाब पुलिस की ड्रामेबाजी के बीच उच्च न्यायालय ने यह आदेश जारी किया है।

पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने भाजपा नेता तेजिन्दरपाल सिंह बग्गा को राहत देते हुए 10 मई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने यह फैसला आधी रात को दिया। जस्टिस अनूप चितकारा ने अपने आवास पर इस केस की सुनवाई की।

 केजरीवाल के खिलाफ टिप्पणी मामला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ टिप्पणी के बाद मोहाली पुलिस ने तेजिंदर पाल बग्गा के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बग्गा की गिरफ्तारी को लेकर 6 मई को दिन भर वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस मामले में पंजाब, हरियाणा व दिल्ली पुलिस आपस मे भिड़ी हुई है।

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मोहाली के न्यायालय ने दिया था गिरफ्तारी का आदेश
7 मई को मोहाली की न्यायालय ने बग्गा का गिरफ्तारी वारंट जारी कर पुलिस को निर्देश दिए थे कि उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाए।

मोहाली कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती
मोहाली कोर्ट के इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। जस्टिस अनूप चितकारा के आवास पर 7 मई की रात कोर्ट लगाई गई। जहां पंजाब के महाधिवक्ता अनमोल रतन सिद्धू ने अपना पक्ष रखा। बग्गा के वकीलों ने तर्क दिया कि इस मामले में एक याचिका उच्च न्यायालय में चल रही है। जिसपर 10 मई को सुनवाई होगी। ऐसे तब तक बग्गा को राहत दी जाए। लंबी बहस के बाद जस्टिस अनूप चितकारा ने बग्गा की गिरफ्तारी पर 10 मई तक रोक लगा दी है।

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